डॉक्टर पर सोनोग्राफी के लिए ₹500 लेने का आरोप:सीनियर डॉक्टर के नेतृत्व में आरोपों की जांच शुरू; स्वास्थ्य विभाग ने टीम गठित की

सीधी जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) सिहावल में पदस्थ स्त्री रोग विशेषज्ञ डॉ. रिकेश शर्मा पर सोनोग्राफी के लिए ₹500 लेने के आरोपों की जांच शुरू हो गई है। स्वास्थ्य विभाग ने इन आरोपों की गंभीरता को देखते हुए एक जांच टीम गठित की है। आज बुधवार से जांच शुरू होगी। इस जांच टीम का नेतृत्व सीनियर डॉक्टर दीपा रानी इसरानी कर रही हैं। टीम में सिहावल के बीएमओ डॉ. रामभूषण पटेल भी शामिल हैं, जो पूरे मामले की बारीकी से जांच करेंगे। बीएमओ डॉ. पटेल ने बताया कि स्थानीय लोगों ने शिकायत की थी कि डॉ. रिकेश शर्मा ₹500 लेकर सोनोग्राफी कराने की बात कहते हैं। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए रीवा कार्यालय की ओर से जांच टीम बनाई गई है। जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट भेज दी जाएगी। डॉक्टर नकारते हुए बोले- किसी भी मरीज से कोई शुल्क नहीं लेते दूसरी ओर, डॉ. रिकेश शर्मा ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को पूरी तरह निराधार और झूठा बताया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वह सरकारी अस्पताल में किसी भी मरीज से कोई शुल्क नहीं लेते। डॉ. शर्मा के अनुसार, उनकी अपनी निजी क्लिनिक है, जहां वह ₹500 परामर्श शुल्क लेते हैं, जो किसी भी निजी चिकित्सक का वैधानिक अधिकार है। यदि मरीज को सोनोग्राफी की आवश्यकता होती है, तो वह उन्हें सरकारी अस्पताल की निशुल्क सेवा के लिए ही भेजते हैं। सरकारी अस्पताल में पर्ची कटवाना और नंबर लगवाना पूरी तरह से सरकारी प्रक्रिया का हिस्सा है। डॉ. शर्मा का दावा है कि कुछ लोगों ने जानबूझकर उनकी छवि खराब करने और उनके कार्य को बदनाम करने के लिए ये आरोप लगाए हैं। जांच टीम, जिसमें डॉ. दीपा रानी इसरानी और बीएमओ शामिल हैं, आरोप लगाने वालों के बयान, अस्पताल के रिकॉर्ड, रजिस्टर और संबंधित प्रक्रियाओं की जांच कर रही है। जांच रिपोर्ट में यह स्पष्ट होगा कि शुल्क वसूली के आरोपों में कितनी सच्चाई है और इस पर आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।

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