रतलाम के बड़ावदा थाना क्षेत्र के लकमाखेड़ी गांव में दलित बेटी की शादी को लेकर हुए विवाद के बाद बुधवार को सामाजिक समरसता की मिसाल देखने को मिली। जिस गांव में रात को बिंदौली रोकने पर हंगामा हुआ था और पुलिस को एफआईआर दर्ज करनी पड़ी थी, वहीं बुधवार सुबह सर्व समाज ने दूल्हे और बारात का जोरदार स्वागत किया। पुलिस और प्रशासन की समझाइश के बाद गांव के सरपंच और राजपूत समाज के लोग भी शादी में शामिल हुए। गांव लकमाखेड़ी निवासी सुरेश कटारिया की बड़ी बेटी रितु की शादी 26 नवंबर को थी। शादी से पहले निकाली जा रही बिंदौली को लेकर विवाद हो गया था। गांव के सोंधिया राजपूत समाज के कुछ लोगों ने अपने घर के सामने से बिंदौली निकालने पर आपत्ति जताई थी और इसे दूसरे रास्ते से ले जाने को कहा था। इस बात पर हंगामा हुआ था। सूचना पर भीम आर्मी ने विरोध जताया था, जिसके बाद पुलिस ने सुरक्षा के बीच बिंदौली निकलवाई थी। अधिकारियों ने दोनों पक्षों को बैठाकर समझाया
विवाद के बाद बारात आने से पहले ही गांव में पुलिस प्रशासन अलर्ट हो गया था। जावरा एसडीएम सुनील जायसवाल, एसडीओपी संदीप मालवीय और थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने ग्रामीणों के दोनों पक्षों को बैठाकर शांति से समझाया। अधिकारियों ने कहा कि गांव की बेटी की शादी धूमधाम से होनी चाहिए। अधिकारियों ने ग्रामीणों के बीच सामंजस्य बैठाया। सर्व समाज ने किया स्वागत, दूल्हे को कराए मंदिर दर्शन
समझाइश का असर यह हुआ कि बुधवार सुबह जब बारात गांव पहुंची, तो परिजनों के साथ गांव के सर्व समाज ने दूल्हे व बारात का स्वागत किया। शादी की रस्में शुरू हुईं। इस दौरान गांव के सरपंच, उपसरपंच समेत सोंधिया राजपूत समाज के लोग भी मौजूद रहे। दूल्हे को मंदिर ले जाकर दर्शन कराए गए। इस दौरान ‘जय श्री राम’ और ‘भारत माता की जय’ के साथ ‘जय भीम’ के भी जयकारे लगाए गए। 5 नामजद लोगों पर दर्ज हुआ है केस
पुलिस ने विवाद करने वाले 5 नामजद समेत अन्य लोगों पर मामला दर्ज किया था। बड़ावदा थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने बताया कि बापूसिंह पिता पर्वतसिंह सोंधिया राजपूत, बद्रीसिंह पिता भेरुसिंह, कुशाल सिंह पिता चंदरसिंह, कुलदीप सिंह पिता लालसिंह, गोविंदसिंह भाणेज (सभी निवासी लखमाखेड़ी) व अन्य के खिलाफ बीएनएस की धारा 176 और एससी-एसटी एक्ट में केस दर्ज किया गया है। टीआई बोले- दिया समरसता का संदेश
टीआई स्वराज डाबी ने बताया कि दोनों पक्षों को समझाइश दी गई थी। गांव के सर्व समाज ने सामाजिक समरसता का संदेश देते हुए बारात का स्वागत किया है। विवाह रस्म के दौरान भी सारे अधिकारी गांव में मौजूद रहे।


