मघ्यप्रदेश के IAS संतोष वर्मा के बयान पर हाड़ौती सम्भाग के ब्राह्मण समाज में रोष है। ब्राह्मण कल्याण परिषद, कोटा ने राष्ट्रपति, केंद्रीय गृहमंत्री व एमपी के मुख्यमंत्री के नाम संभागीय आयुक्त को ज्ञापन देकर IAS संतोष वर्मा को तत्काल बर्खास्त करने व उनके निजी आवास को ध्वस्त करने की मांग की। परिषद के संयोजक अनिल तिवारी ने कहा कि संतोष वर्मा का ब्राह्मण बेटियों को अपमानित करने वाला बयान देना एक प्रकार का मानसिक आतंकवाद है। उन्होंने कहा कि ऐसे अधिकारी की सिविल सेवा समाप्त कर उसके खिलाफ संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जेल भेजा जाना चाहिए। तिवारी ने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने समय पर कार्रवाई नहीं की तो हाड़ौती में ब्राह्मण समाज बड़ा आंदोलन करने को मजबूर होगा। संभागीय अध्यक्ष ब्रजराज गौतम ने कहा कि संतोष वर्मा मानसिक रूप से असंतुलित व समाज को विभाजित करने वाली सोच रखता है। इसे हिंदू समाज को बांटने का कोई अधिकार नहीं। परिषद की पदाधिकारी भगवती शर्मा ने कहा कि यह टिप्पणी केवल ब्राह्मण बालिकाओं का ही नहीं, बल्कि संपूर्ण नारी शक्ति का अपमान है। उन्होंने कहा एक पिता जब अपने पुत्र के लिए किसी योग्य कन्या को अपने घर लाना चाहता है, वह कन्या पक्ष के लिए सम्मान का क्षण होता है।संतोष वर्मा ने ‘बेटी’ शब्द का प्रयोग कर इस पवित्र भावनात्मक संबंध पर अपनी विकृत मानसिकता की गंदगी उड़ेली है। बता दें भोपाल के अंबेडकर मैदान में रविवार को मध्य प्रदेश अनुसूचित जाति जनजाति अधिकारी कर्मचारी संघ यानि अजाक्स की साधारण सभा का आयोजन किया गया था। जिसमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा को अजाक्स का नया अध्यक्ष नियुक्त किया गया था। अध्यक्ष बनते ही आईएएस वर्मा सवर्णों की बेटियों को लेकर विवाद बयान देकर चर्चा में आ गए। संतोष वर्मा ने कहा कि ‘जब तक मेरे बेटे को कोई ब्राह्मण अपनी बेटी दान नहीं देता या उससे संबंध नहीं बनाता, तब तक आरक्षण जारी रहना चाहिए’।


