प्रतापगढ़ शहर के बस स्टैंड पर अतिक्रमण और निजी बसों के अनियमित संचालन के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। यहां निजी बसें, रोडवेज और निजी स्लीपर ट्रैवल्स बसें एक ही स्टैंड से संचालित होती हैं, जिससे अक्सर लंबा जाम लग जाता है। निजी स्लीपर बसें अक्सर अपने निर्धारित समय से पहले ही स्टैंड पर आकर खड़ी हो जाती हैं। इससे 15 से 20 मिनट तक यातायात बाधित रहता है और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। बस स्टैंड के आसपास के दुकानदारों ने अतिक्रमण और जाम की समस्या को लेकर नगर परिषद और ट्रैफिक पुलिस से कई बार शिकायतें की हैं। हालांकि, अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। साइड न मिलने पर अक्सर चालकों के बीच विवाद भी होते हैं, जिससे वाहनों की लंबी कतारें लग जाती हैं। ट्रैफिक जाम की बनी रहती है स्थिति
बस स्टैंड के अलावा, प्रतापगढ़ शहर के बाजारों में भी निजी स्कूल बसों और टेम्पो के प्रवेश से लंबे समय तक ट्रैफिक जाम की स्थिति बनी रहती है। बड़े वाहनों के बाजार में जाने से छोटे वाहन चालकों और पैदल चलने वाले राहगीरों को निकलने में काफी दिक्कत होती है। हाल ही में, एक निजी स्कूल बस बाजार के अंदर 15 से 20 मिनट तक खड़ी रही, जिससे भीषण जाम लग गया। इस दौरान छोटे वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। निजी बस चालकों की लापरवाही और आगे-पीछे न देखने की आदत से छोटे वाहन चालक अक्सर दुर्घटनाओं का शिकार होते हैं। इनका ये कहना
यातायात विभाग के अधिकारी ईश्वरलाल ने इस संबंध में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि पहले भी निजी स्कूली बसों को नोटिस देकर पाबंद किया गया था। यदि स्कूल बसें अभी भी बाजारों में प्रवेश कर रही हैं, तो उन्हें फिर से पाबंद किया जाएगा और बाजारों के चारों ओर बैरिकेड्स लगाए जाएंगे ताकि स्कूल बसें अंदर न जा सकें। अतिक्रमण के मुद्दे पर ईश्वरलाल ने कहा कि यदि नगर परिषद सहयोग करती है, तो अतिक्रमण हटाने में ट्रैफिक पुलिस भी सहायता करेगी। स्लीपर बसों के संबंध में उन्होंने बताया कि एक बैठक में यह बात रखी गई थी कि स्लीपर बसों के लिए शहर के बाहर एक स्थायी जगह तय की जाए। इससे वे शहर में प्रवेश नहीं करेंगी और यात्रियों को टेम्पो की सहायता से उस स्टेशन तक पहुंचाया जा सकेगा, जिससे जाम की स्थिति से निजात मिल सकेगी। उन्होंने यह भी बताया कि इन सभी बातों को लेकर कल ही सभी संबंधित पक्षों को पाबंद कर दिया जाएगा।


