भारतीय किसान संघ ने जिला कलेक्टर को असमय हुई अतिवृष्टि से फसल खराबे का मुआवजा और बीमा क्लेम दिलाने के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा है। ज्ञापन में बताया गया कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश से किसानों की पकी हुई धान, मक्का, सोयाबीन, मूंग और उड़द जैसी फसलें खेतों में ही खराब हो गई हैं। अक्टूबर माह में हुई वर्षा से खेतों में पानी भर गया था, जिसके कारण आगामी रबी फसल की बुआई भी समय पर नहीं हो पा रही है। पूर्व में भी अतिवृष्टि के कारण फसलें प्रभावित हुई थीं, जो कुछ बच गई थीं वे भी अब पूरी तरह नष्ट हो चुकी हैं। यहां तक कि पशुओं के लिए चारा भी नहीं बचा है, जिससे किसान कर्ज में डूबते जा रहे हैं। ज्ञापन सौंपने के दौरान जिला अध्यक्ष संतोष दुबे, जिला मंत्री चंद्रप्रकाश, जिला मंडी अध्यक्ष रामनिवास भगत, शिवराज पूरी, तहसील अध्यक्ष रामशंकर चौधरी, जिला उपाध्यक्ष भंवर लाल मीणा, किशनगोपाल और किशनचंद्र चौधरी सहित मोहन लाल नागर व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। संघ ने यह भी बताया कि रबी फसल की बुआई का समय निकलता जा रहा है, लेकिन बाजार में डीएपी खाद उपलब्ध नहीं है। जहां खाद मिलता भी है, वहां उसके साथ अन्य उत्पाद (अटैचमेंट) खरीदने के लिए मजबूर किया जाता है। किसानों के पास खाद खरीदने के लिए पर्याप्त पैसे नहीं हैं, ऐसे में वे अटैचमेंट के लिए पैसे कहां से लाएं। संघ ने बाजार में पर्याप्त मात्रा में बीज उपलब्ध कराने की भी मांग की। किसान संघ ने मांग की है कि शीघ्र सर्वे करवाकर पूरे जिले को अभावग्रस्त घोषित किया जाए और किसानों को फसल बीमा व आपदा प्रबंधन की राशि तुरंत उपलब्ध कराई जाए, ताकि वे अपनी आगामी रबी फसल की बुआई समय पर कर सकें। संघ ने यह भी उल्लेख किया कि इस संबंध में पहले भी ज्ञापन दिया गया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।


