बेटी भगाने के विवाद में एक बुजुर्ग की महिला और उसके दो बेटों ने लात-घुसों और लट्ठ से पीटकर हत्या कर दी। बुजुर्ग आरोपियों के खेत में ही ढेर हो गया। वारदात के बाद आरोपियों के साथ परिवार के लोग घर बंद कर फरार हो गए। 12 घंटे से शव मौके पर ही पड़ा है। मृतक के परिजन आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर अड़े हुए हैं। घटना डूंगरपुर के चौरासी थाना क्षेत्र के हरवनी सांसरपुर गांव में बुधवार सुबह हुई। फिलहाल पुलिस ने तीनों आरोपियों को डिटेन कर लिया है। सिर पर लट्ठ से हमला चौरासी थानाधिकारी रमेश कटारा ने बताया कि हत्या की वारदात हरवणी सांसरपुर गांव में हुई। जीवा (55) पुत्र जवला रोत आज सुबह 7 बजे बाद अपने छोटे भाई के घर माता पिता से मिलने के लिए जा रहा था। घर से करीब 300 मीटर दूर जाते ही सुराता पगारा रोड के किनारे आरोपी लक्ष्मण (20) पुत्र रामलाल रोत, उसका बड़ा भाई संजय (22) और मां तारा देवी तीनों आए। उन्होंने बुजुर्ग जीवा को पकड़ लिया और अपने साथ घर ले गए। जहां तीनों ने बुजुर्ग जीवा के साथ लात-घुसों से मारपीट की। बुजुर्ग खेतों की ओर भागा तो आरोपियों ने पीछा करते हुए सिर पर लट्ठ से हमला किया। जिससे बुजुर्ग जीवा वहीं पर ढेर हो गया। घटना के बाद मृतक पक्ष के लोग इकट्ठे होने लगे। रामलाल के परिवार के साथ ही उसके भाई बापूलाल ओर प्रभुलाल का परिवार भी घर छोड़कर फरार हो गए। तनाव देखते हुए मौके भारी पुलिस जाब्ता तैनात घटना के बाद लोग इकट्ठे हो गए और आक्रोश जताया। सूचना पर चौरासी थानाधिकारी रमेश कटारा मय जाब्ता मौके पर पहुंचे, लेकिन मौके पर तनाव का स्थिति को देखते हुए डीएसपी मदनलाल विश्नोई, धंबोला थानाधिकारी मोहम्मद रिजवान खान, कुंआ थानाधिकारी राकेश कटारा, रामसागड़ा थानाधिकारी गोपालनाथ समेत अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा। वहीं, एसएफएल टीम ने मौके से सबूत जुटाए। शव आरोपियों के घर के आंगन में रखने का भी प्रयास पुलिस ने लोगों से बातचीत कर मामला शांत करने का प्रयास किया, लेकिन आक्रोशित लोग आरोपियों को पकड़ने की मांग पर ही अड़े रहे। इस बीच आक्रोशित लोग शव को उठाकर आरोपियों के घर के आंगन में रखने का भी प्रयास किया, लेकिन पुलिस ने रोक लिया। पुलिस करीब 11 घंटे से लोगो से समझाइश कर रही है, लेकिन लोग मौके पर ही शव रखकर बैठे हुए है। 8 महीने पहले बेटी की भगाकर ले गया उसी का बदला
पुलिस के अनुसार मृतक जीवा के 3 बेटे और 2 बेटियां है। मृतक जीवा मजदूरी और खेतीबाड़ी का काम करता है। मृतक का बेटा अंकित 8 महीने पहले आरोपियों के घर की बेटी को भगा कर ले गया था। इसके बाद रामलाल के परिवार ने थाने में रिपोर्ट भी दी थी। दोनों पक्षों में सामाजिक स्तर पर भी बातचीत हुई। लेकिन दोनों परिवारों में इसके बाद से खटास चल रही है। हत्या की ये वारदात उसी विवाद को लेकर हुई। घर छोड़कर भागे तीनों परिवार, आरोपी डिटेन
आरोपी रामलाल गुजरात में मजदूरी करता है। वह अभी गुजरात में ही है। हत्या की वारदात के बाद उसका बेटा लक्ष्मण, संजय और तारा देवी फरार हो गए। अनहोनी के डर से रामलाल का भाई बापूलाल ओर प्रभुलाल के परिवार के लोग भी घरों को बंद कर फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने तीन आरोपी तारा देवी, लक्ष्मण ओर संजय को डिटेन कर लिया है।


