सरकार और संगठन में समन्वय बढ़ाने के मकसद से उदयपुर संभाग के बीजेपी के पदाधिकारियों की आज शाम महत्वपूर्ण बैठक हुई। जयपुर में करीब 4 घंटे तक बैठक में सीएम भजनलाल शर्मा ने लगातार एक पदाधिकारी की बात को सुना और फीडबैक को लेकर सवाल पूछे। सीएम ने एसआईआर पर आ रही दिक्कतों में बीएलओ का साथ देकर सभी के नाम जुड़वाने के निर्देश दिए। राज्य सरकार के 2 साल होने पर योजनाओं के प्रचार पर फोकस करने को कहा। बैठक में उदयपुर नगर निगम से जुडे़ एक अधिकारी की भी पदाधिकारियों ने शिकायत की। इस बैठक में उदयपुर के दोनों जिलाध्यक्षों के नेतृत्व में करीब 125 से पदाधिकारी शामिल हुए। इसमें मंडल अध्यक्ष समेत पार्टी के महामंत्री समेत जिले की लगभग पूरी टीम मौजूद थी। बैठक में सीएम शर्मा के अलावा बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष मदन राठौड, डिप्टी सीएम प्रेमचंद बैरवा, पूर्व प्रदेशाध्यक्ष अशोक परनामी, अरूण चतुर्वेदी, घनश्याम तिवाड़ी भी शामिल हुए। सीएमआर में आयोजित इस बैठक में जब सीएम शर्मा ने बजट को लेकर उदयपुर शहर के पदाधिकारियों से पूछा तो उन्होंने एमबी हॉस्पिटल में अलग से कैंसर यूनिट शुरू करने की मांग की। पदाधिकारियों ने कहा कि एमबी हॉस्प्टिल संभाग का सबसे बड़ा हॉस्पिटल है, लेकिन कैंसर के पेशेंट बढ़ने बावजूद यहां अब तक कैंसर यूनिट बन पाई है। इससे लोगों को कभी अहमदाबाद या जयपुर का रूख करना पड़ता है। इसके साथ शहर में टूटी रोड को समय से ठीक करवाने और यूडीए के पेराफेरी क्षेत्र में लंबित विकास कार्यों को पूरा करवाने की बात कही। इस पर सीएम ने संबंधित विभाग को निर्देश देने की बात कही। इसके साथ ही जनप्रतिनिधियों की मॉनिटरिंग पर जानकारी ली। शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़ ने बताया कि सीएम शर्मा ने रन फॉर यूनिटी, विकसित भारत के सम्मेलन के कार्यक्रम को विस्तार से बात की। सरकार और संगठन के बीच तालमेल रखने के साथ योजनाओं पर उदयपुर की स्थिति पर फीडबैक लिया। सरकार के 2 साल पूरे होने पर 10 दिसंबर से 25 दिसंबर तक अटल जन्म जयंती पर कार्यक्रम आयोजन के निर्देश दिए। बैठक में बीजेपी के उदयपुर शहर जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, जिला प्रभारी बंशीलाल खटीक, महामंत्री देवीलाल सालवी, पारस सिंघवी, पंकज बोराणा समेत कुल 12 मंडल अध्यक्ष मौजूद रहे। वही देहात जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली समेत जिले के 84 पदाधिकारी भी बैठक में शामिल हुए। जयपुर में बुधवार को उदयपुर संभाग के सभी 7 जिलों के कार्यकर्ताओं को बुलाया गया था। इसमें उदयपुर, सलूंबर, राजसमंद, चितौड़गढ़, डूंगरपुर, बांसवाड़ा और प्रतापगढ़ के पदाधिकारी शामिल हुए थे। बैठक में प्रतापगढ़ जिले के कार्यकर्ताओं ने कहा कि जिले में बाप विधायक धर्मांतरण पर जोर दे रहे हैं और क्षेत्र के कई बड़े पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी भी उनका साथ दे रहे हैं, जबकि पार्टी पदाधिकारियों की धरियावद में अधिकारी कम सुनते है।


