उज्जैन में चयनित शिक्षकों ने निकाली दंडवत यात्रा:पद वृद्धि की मांग पर कल रामघाट में होगा जल सत्याग्रह, तीन दिन चलेगा प्रदर्शन

पद वृद्धि की मांग कर रहे सैकड़ों वेटिंग शिक्षकों ने उज्जैन रेलवे स्टेशन से महाकाल मंदिर तक दंडवत यात्रा शुरू की। प्रदेश भर के वर्ग-1 की चयन और पात्रता परीक्षा पास करने वाले शिक्षक नौकरी की मांग में प्रदर्शन कर रहे हैं। आगामी तीन दिन उज्जैन में रहकर सभी अभ्यर्थी शिप्रा नदी और टावर चौक पर प्रदर्शन करेंगे। एक साल से पद वृद्धि की मांग कर रहे चयनित शिक्षकों ने दिल्ली और भोपाल के बाद अब उज्जैन में प्रदर्शन शुरू किया है। प्रदेश भर से अलग अलग ट्रेनों से उज्जैन रेलवे स्टेशन पहुंचे अभ्यर्थियों ने अभ्यर्थी चयन और पात्रता परीक्षा पास करने के बाद भी प्रतीक्षा सूची में रखे जाने से नाराज होकर दंडवत यात्रा शुरू की जो महाकाल मंदिर पर खत्म होगी। इस दौरान महिलाओं ने करीब डेढ़ किमी तक दंडवत यात्रा निकालकर बाबा महाकाल से पद वर्द्धि की मांग की। अभ्यर्थियों ने बताया कि उच्च माध्यमिक शिक्षक वेटिंग 2023 के सभी अभ्यर्थी दो परीक्षा पास कर चुके है। सरकार ने कहा है की 58 हजार से अधिक पद खाली है। इसके बाद भी हमारी पोस्टिंग नहीं की जा रही। प्रदेश भर में करीब 12 हजार से अधिक ऐसे अभ्यर्थी है जो अपनी नियुक्ति का इंतजार कर रहे है। उन्होंने कहा कि हमने 2023 में दो परीक्षाएं दी। अब हम सब क्वालिफाइड वेटिंग शिक्षक है। दंडवत यात्रा कर महाकाल से करेंगे प्रार्थना अभ्यर्थियों ने कहा कि, सरकार ने माना है 58 हजार पद खाली है। हम बीस हजार पदों पर पद वृद्धि के लिए मांग कर रहे हैं। सरकार हमारी प्रार्थना सुनें। विगत डेढ़ सालों से प्रयास कर रहे हैं। हमने हर जगह आंदोलन किए। दिल्ली तक गए। भोपाल में भी हमने प्रदर्शन किया था। लेकिन सरकार सुन नहीं रही है। हमारी आज यही प्रार्थना है कि सरकार पदों पर चयनित शिक्षकों की भर्ती करे। हमने पहले भी प्रदर्शन कर भोपाल में रानी कमलापति से डीपीआई तक दंडवत यात्रा की। आज हम महाकाल बाबा से प्रार्थना करने आए हैं। उज्जैन में तीन दिन तक चलेगा प्रदर्शन प्रदर्शन में शामिल बबिता शर्मा ने बताया कि उज्जैन में हम सब तीन दिन तक प्रदर्शन करेंगे। शुक्रवार को प्रदर्शन से पहले उज्जैन स्टेशन से दंडवत करते हुए महाकाल मंदिर तक जाएंगे। उसके बाद हमारा धरना प्रदर्शन शनिवार को होगा। जल सत्याग्रह होगा जिसमें हम रामघाट पर जल सत्याग्रह करेंगे। कमल मालवीय ने बताया कि सरकार के पास पद खाली होने के बाद भी नियुक्ति नहीं दी जा रही है। अगर देरी की तो इसमें कई लोग ऐसे है जो ओवर एज हो जाएंगे। जिसके बाद उनकी नियुक्ति नहीं हो सकेगी। नए पदों की संख्या कम शिक्षकों का कहना है कि अब तक मध्यप्रदेश में शिक्षक भर्ती के लिए केवल पात्रता परीक्षा आयोजित की जाती थी, लेकिन वर्ग 1 के रोस्टर में लगभग 45 प्रतिशत बैकलॉग हैं और नए (फ्रेश) पदों की संख्या कम होने के कारण, श्रेणीवार केवल 6 से 8 पद ही आवंटित हो पा रहे हैं। इस वजह से अच्छे अंक लाने के बावजूद कई अभ्यर्थियों का चयन नहीं हो पा रहा है। शिक्षकों का कहना है कि कई वर्षों से तैयारी करने के बाद वे अब अपने जीवन के अंतिम पड़ाव तक पहुंच चुके हैं। यह उनका अंतिम अवसर है। वर्ष 2018 से लंबे समय के इंतजार के बाद 5 साल बाद परीक्षा आयोजित की गई थी, फिर भी पद इतने कम क्यों हैं, यह उनका प्रमुख सवाल है। ये है मांगें: यह खबर भी पढ़ें भोपाल में वेटिंग शिक्षकों ने की दंडवत पद यात्रा:वर्ग-1 के 20,000 पद बढ़ाने की मांग; गेट पर ज्ञापन चिपकाकर खत्म किया प्रदर्शन भोपाल में वर्ग 1 (2023) भर्ती की दूसरी काउंसिलिंग में 20 हजार पदों की वृद्धि की मांग को लेकर 50 से अधिक अभ्यर्थियों ने प्रदर्शन किया। रानी कमलापति ​​​​​​स्टेशन से अभ्यर्थी दंडवत मुद्रा में आगे बढ़ते हुए लोक शिक्षण संचालनालय (DPI) पहुंचें। महिलाओं ने मुंडन कराने की बात कही। उनके पहुंचने से पहले ही अधिकारी वल्लभ भवन किसी मीटिंग में शामिल होने चले गए। इस वजह से कोई ज्ञापन लेने नहीं आया। इस दौरान अभ्यर्थियों ने जमकर नारेबाजी की, और गेट पर ज्ञापन चिपकाकर लौट गए। यहां पढे़ें पूरी खबर…

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