संपत्ति कर माप-तौल विवाद के बाद निगम प्रशासन ने शहरभर में 15 दिन का राजस्व समाधान अभियान शुरू किया था। इसके तहत हर वार्ड में टैक्स करेक्शन शिविर लगाए गए। इनमें 8 हजार 416 फॉर्म जमा किए। 7 हजार 112 खाते ऐसे थे, जिनमें खुद लोगों ने सुधार करवाने के आवेदन दिए। अभियान के दौरान कई ऐसी बिल्डिंग भी सामने आईं, जिनमें क्षेत्रफल से कम टैक्स जमा हो रहा था। तीन बिल्डिंग से निगम को 45 से 50 लाख रुपया लेना है। इन मामलों में एआरओ की मिलीभगत भी सामने आई है। निगम प्रशासन ने एक एआरओ पर कार्रवाई की तैयारी भी कर ली है। सर्वे के दौरान जिस 74 नंबर वार्ड में विवाद हुआ था, वहां 2 हजार 413 खातों में गड़बड़ मिली। यहां ट्रैक्स के छह करोड़ 21 लाख रुपए का कलेक्शन होना चाहिए, लेकिन अभी सिर्फ दो करोड़ 33 लाख रुपए ही वसूले जा रहे हैं। 5 हजार 9 संपत्तियों का सर्वे किया गया। सबसे कम करेक्शन आवेदन
जोन 6 : 123 आवेदन
सबसे ज्यादा करेक्शन आवेदन
जोन 21 : 789 खाते
सबसे कम नए खाते
जोन 6 : 3 आवेदन
सबसे ज्यादा नए खाते
जोन 16 : 241 आवेदन किस जोन में कितने करेक्शन किए गए


