दमोह पुलिस अधीक्षक (एसपी) ने बुधवार रात शहर की कानून-व्यवस्था और यातायात व्यवस्था का जायजा लेने के लिए मुख्य सड़कों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने विभिन्न चौराहों पर पुलिस तैनाती और गश्त की समीक्षा की, साथ ही आम नागरिकों से सीधे संवाद कर उनकी समस्याएं और सुझाव भी सुने। एसपी ने शहर के संवेदनशील और भीड़भाड़ वाले इलाकों में अचानक पहुंचकर पेट्रोलिंग दलों की उपस्थिति, रात्रि गश्त, सीसीटीवी कवरेज और बीट प्रणाली की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों को निर्देश दिए कि संदिग्ध व्यक्तियों और आपराधिक प्रवृत्ति के लोगों पर कड़ी नजर रखी जाए। किसी भी सूचना पर त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने को कहा गया। एसपी ने यह भी निर्देशित किया कि महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों और व्यापारियों की सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए गश्त रूट और समय सारिणी तय की जाए। एसपी ने प्रमुख चौराहों पर वाहन चेकिंग में भी करवाया निरीक्षण के दौरान, एसपी ने यातायात पुलिस के साथ मिलकर प्रमुख चौराहों पर वाहन चेकिंग में हिस्सा लिया। बिना हेलमेट, ओवरलोडिंग, बिना सीट बेल्ट, गलत पार्किंग और अन्य नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ चालानी कार्रवाई की गई। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की कि हेलमेट और सीट बेल्ट केवल चालान से बचने के लिए नहीं, बल्कि जीवन की सुरक्षा के लिए अनिवार्य हैं। एसपी ने माता-पिता और अभिभावकों से नाबालिग बच्चों को वाहन न सौंपने और स्कूल-कॉलेज के समय विशेष सावधानी बरतने का आग्रह भी किया। गश्त के दौरान, एसपी ने बाजार क्षेत्र, बस स्टैंड, मुख्य चौराहों और आवासीय इलाकों में रुककर स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों, ऑटो और बस चालकों से सीधी बातचीत की। लोगों ने ट्रैफिक जाम, गलत पार्किंग और कुछ स्थानों पर पर्याप्त रोशनी की कमी जैसी समस्याओं से एसपी को अवगत कराया। एसपी ने अपने दौरे के अंत में कहा कि अपराध नियंत्रण और दुर्घटना रोकथाम तभी प्रभावी हो सकती है, जब पुलिस और जनता दोनों मिलकर काम करें। उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि कानून का पालन करना हर नागरिक की जिम्मेदारी है और पुलिस का उद्देश्य लोगों में भय नहीं, बल्कि विश्वास और सुरक्षा की भावना पैदा करना है।


