पवित्र नगरी अमरकंटक के जंगलों में पेड़ों में साल बोरर रोग लगने की आशंका सामने आई थी। इसके बाद वन विभाग हरकत में आया और जबलपुर से विशेषज्ञों की एक टीम बुलाई गई। जांच के बाद पेड़ों में साल बोरर रोग नहीं पाया गया। हालांकि, वन विभाग भोपाल की तरफ से अमरकंटक के जंगलों में स्थित पेड़ों की विशेष निगरानी का निर्देश दिया गया है। प्रधान मुख्य वन संरक्षक की ओर से प्राप्त तकनीकी प्रतिवेदन के अनुसार, राज्य वन अनुसंधान संस्थान और भारतीय वानिकी वन अनुसंधान संस्थान, जबलपुर ने अमरकंटक क्षेत्र का वैज्ञानिक परीक्षण किया। प्रतिवेदन में बताया गया है कि अनेक वृक्ष प्रत्यक्ष रूप से साल बोरर रोग की श्रेणी में नहीं आते हैं। फिर भी, संभावित संक्रमण को देखते हुए विभाग ने उच्च स्तरीय निगरानी बढ़ाने के आदेश दिए हैं। वन विभाग ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देशित किया है कि साल वृक्षों की सुरक्षा के लिए सतत निरीक्षण, रोग की रोकथाम के लिए तकनीकी उपाय और प्रभावित क्षेत्रों का विस्तृत सर्वेक्षण तत्काल किया जाए। विभाग ने स्पष्ट किया है कि साल वन संपदा राज्य की महत्वपूर्ण पारिस्थितिकी धरोहर है और इसके संरक्षण में किसी भी प्रकार की शिथिलता स्वीकार्य नहीं होगी।


