ग्वालियर के मुरार सदर बाजार में अंधाधुंध गोलीबारी कर दहशत फैलाने वाले तीन बदमाशों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। व्यापारियों ने पुलिस को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया था। जिसके बाद पुलिस ने कार्रवाई कर गोलीकांड मामले में खुलासा किया। पुलिस के हाथ तीन बदमाश लगे हैं, जिनमें मुख्य आरोपी हिमांशु उर्फ छोटू यादव निवासी झांसी है। घटना के बाद CCTV फुटेज में हिमांशु ही व्यापारी की दुकान में घुसकर अंदर गोलियां चला रहा था। यह गैंगस्टर कपिल का साला है।
मास्टरमाइंड अरविंद यादव (कपिल का भाई) को जौरासी के जंगल से पकड़ा है। एक अन्य आरोपी भी पकड़ा गया है। पूछताछ में शूटर हिमांशु का कहना है कि उनका मकसद व्यापारी को डराना था, क्योंकि उनके कारण ही कपिल का पुलिस ने शॉर्ट एनकाउंटर किया था। यही कहानी पुलिस को गले नहीं उतर रही है। पुलिस अफसरों का मानना है कि हमला पहले से तय था, क्योंकि जिस प्लानिंग के साथ हमला किया गया वह अचानक नहीं किया जा सकता। भाई और साले ने की थी बाजार में फायरिंग
ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि 24 नवंबर को मुरार के सदर बाजार में अंधाधुंध फायरिंग करने वालों की तलाश में लगातार पुलिस की टीमें लगी थीं। एएसपी अनु बेनीवाल, एएसपी विदिता डागर, एएसपी क्राइम सुमन गुर्जर व डीएसपी क्राइम नागेन्द्र सिंह सिकरवार की टीम बनी थी। दो दिन पहले घटना के बाद दो बदमाश अपाचे बाइक से जौरासी घाटी पर पुलिस को मिले थे।
पुलिस का सामना होते ही बदमाश बाइक छोड़कर जौरासी के जंगल में भाग गए थे। जिसके बाद से पुलिस उनकी तलाश कर रही थी। बुधवार दोपहर एक बार फिर पुलिस जौरासी के जंगल पहुंची तो यहां से पुलिस ने शातिर बदमाश हिमांशु उर्फ छोटू यादव निवासी गुरसराय झांसी यूपी हाल निवासी मौ भिंड और अरविंद यादव निवासी बड़ागांव पकड़े गए थे।
पुलिस ने निशानदेही पर अमित यादव निवासी बड़ागांव को भी पकड़ा है। दो दिन पहले जो बाइक छोड़कर भागे थे वह अरविंद और उसका साथी कालू था। अरविंद, गैंगस्टर कपिल यादव का भाई है, जबकि हिमांशु, उसका साला है। मतलब कपिल के भाई और साले ने सदर बाजार में अंधाधुंध फायरिंग की थी। दहशत फैलाने के लिए किया था हमला
बदमाशों ने पुलिस को बताया है कि वह सोमवार सुबह कपिल यादव, अमन यादव को शॉर्ट एनकाउंटर में पकड़े जाने के बाद नाराज थे। ये दोनों फरार थे। सभी जानते थे कि कारोबारी महावीर जैन व उसके बेटे आकाश जैन के कारण कपिल के साथ यह सब हुआ था। जिसका बदला लेने के लिए और व्यापारी को डराने के लिए हमने हमला किया था।
CCTV कैमरे के फुटेज में महावीर जैन की दुकान में घुसकर उनके बेटे आकाश पर गोलियां चलाने वाला कपिल का साला हिमांशु यादव था, जबकि इस घटना का मास्टर माइंड कपिल का भाई 20 साल का अरविंद यादव था। पुलिस को आशंका- पहले से तय था हमला
पकड़े गए बदमाशों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस को यकीन है कि शॉर्ट एनकाउंटर में कपिल को पकड़ने के बाद उस एक्शन के रीएक्शन में यह हमला नहीं हुआ था। यह हमला एक सोची समझी रणनीति के तहत किया गया था।
पूरी प्लानिंग के साथ बदमाशों ने हमला किया था। जिसमें बाइक सवार चार बदमाश दुकान के बाहर पहुंचते हैं। दो बदमाश बाइक पर सवार रहते हैं, जबकि दो बदमाश फिल्मी स्टाइल में आकर गोलियां चलाते हैं। दो बदमाश बैकअप के लिए आगे रास्ते पर मौजूद रहते हैं। बाइक सवार विवेक यादव की तलाश
बाजार में गाेलीबारी के बाद जौरासी घाटी पर बदमाशों का पुलिस से सामना हुआ तो बाइक वहीं छोड़कर बदमाश जंगल में भाग गए थे। पुलिस ने भी उनका पीछा किया, लेकिन बदमाश नहीं मिले हैं। बरामद बाइक अनिल कुशवाह पुत्र रूपसिंह निवासी बंधौली उटीला की होना पाई गई है।
पुलिस के द्वारा अनिल कुशवाहा को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है, जिस पर उसने कालू को बाइक देना बताया है। बाइक का मालिक विवेक यादव पुत्र भूरे यादव निवासी बड़ागांव है। उसकी तलाश में भी पुलिस लगातार दबिश दे रही है। करोड़ों रुपए की जमीन का मामला
कारोबारी महावीर जैन ने आठ साल पहले बड़ागांव में एक जमीन खरीदी थी। जिसकी कीमत लाखों में थी, लेकिन दो साल बाद ही इस जमीन की कीमत में अचानक उछाल आया और यह जमीन करोड़ों रुपए की हो गई। यहीं से दुश्मनी शुरू होती है। जिस जमीन को कारोबारी ने खरीदा था, कुछ दिन बाद उसकी कीमत करोड़ों रुपए में हो गई थी। जिसके बाद कपिल यादव व उसके परिवार की इस जमीन पर नजर खराब हो गई। ये खबर भी पढ़ें… ग्वालियर में ज्वेलरी शॉप में ताबड़तोड़ गोलियां बरसाई ग्वालियर के उपनगर मुरार के सदर बाजार में सोमवार दोपहर नकाबपोश बाइक सवार बदमाशों ने सराफा कारोबारी महावीर जैन की दुकान को टारगेट कर ताबड़तोड़ फायरिंग की। चार से पांच बदमाश दो बाइक पर आए और 10 मिनट में 20–25 राउंड फायर किए। पूरी खबर पढ़ें


