सिवनी मुख्यालय सहित जिलेभर में तापमान में गिरावट के साथ मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है। सर्दी, खांसी, बुखार और बदन दर्द के साथ हृदय रोगियों के लिए भी खतरा बढ़ गया है। जिला अस्पताल की ओपीडी में प्रतिदिन 500 से अधिक मरीज जांच कराने पहुंच रहे हैं। जिले में पिछले हफ्ते में न्यूनतम तापमान 10 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था, जो अब बढ़कर 16.2 डिग्री सेल्सियस पर आ गया है। हालांकि, मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आगामी दिनों में शीतलहर बढ़ने के साथ तापमान में और गिरावट आने की संभावना है। ऐसे में हृदय रोगियों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मामलों में बढ़ोतरी पिछले हफ्ते न्यूनतम तापमान में भारी गिरावट के कारण हर्ट अटैक से कई लोगों के निधन की घटनाएं सामने आई थीं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार, सर्दी के मौसम में हार्ट अटैक और ब्रेन हेमरेज के मामलों में बढ़ोतरी देखी जाती है, और बीते वर्षों के आंकड़े भी इसकी पुष्टि करते हैं। एमडी मेडिसिन विशेषज्ञ डॉ. उमेश प्रजापति ने बताया कि तापमान कम होते ही शरीर में खून गाढ़ा होने लगता है। साथ ही नसों में सिकुड़न बढ़ जाती है। इससे रक्त संचार पर दबाव पड़ता है और दिल को पर्याप्त मात्रा में रक्त नहीं मिल पाता। यह स्थिति खासतौर पर हृदय रोगियों, उच्च रक्तचाप के रोगी और बुजुर्गों के लिए गंभीर जोखिम पैदा करती है। डॉक्टर बोले- ठंड में ब्लड प्रेशर का स्तर तेजी से प्रभावित होता डॉ. प्रजापति ने आगे कहा कि ठंड में ब्लड प्रेशर और शुगर का स्तर तेजी से प्रभावित होता है। इसलिए मरीजों को समय-समय पर अपनी जांच करानी चाहिए और अपने रूटीन को नियमित रखना चाहिए। खासतौर पर दिल के मरीजों को बेहद सतर्क रहना होगा, क्योंकि जरा सी लापरवाही भी बड़ी परेशानी का कारण बन सकती है। जिला अस्पताल के आरएमओ डॉ. पुरुषोत्तम ने भी ठंड से बचाव और सावधानी बरतने की अपील की है।


