रोजगार सहायक पर 12 लाख गबन का आरोप:पति के खाते में डाले, बहन-जीजा को बनाया फर्जी मजदूर; जांच के आदेश

सतना जिले के रामपुर बाघेलान क्षेत्र की ग्राम पंचायत अकौना में पदस्थ रोजगार सहायक (जीआरएस) आरती सिंह पर सरकारी राशि के बड़े गबन का आरोप लगा है। पंचायत की सरपंच श्रद्धा सिंह ने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से शिकायत की है। आरोप है कि जीआरएस ने 10 वर्षों में भारी भ्रष्टाचार किया है, जिसमें 12 लाख रुपये से अधिक की राशि अपने पति के खाते में हस्तांतरित करने का मामला सामने आया है। सरपंच श्रद्धा सिंह के अनुसार, रोजगार सहायक आरती सिंह ने सुनियोजित तरीके से सरकारी धन का दुरुपयोग किया। आरोप है कि चितगढ़ पंचायत में प्रभार के दौरान जीआरएस ने अपने पति नीलेंद्र प्रताप सिंह के बैंक खाते में 12 लाख रुपये से अधिक की सरकारी राशि ट्रांसफर की। नीलेंद्र प्रताप सिंह सतना नगर निगम में मस्टर कर्मचारी हैं। इसके अतिरिक्त, जीआरएस आरती सिंह पर अपनी बहन साधना सिंह, जीजा बीपी सिंह और उनकी दो बेटियों अनामिका व जानवी सिंह को मनरेगा का फर्जी मजदूर दिखाकर लाखों रुपये का गबन करने का भी आरोप है। वर्ष 2022 में, जीआरएस ने अपनी बहन की बेटी अनामिका सिंह के खाते में लैपटॉप खरीदने के लिए 62,500 रुपये डाले थे, लेकिन यह लैपटॉप आज तक पंचायत कार्यालय में मौजूद नहीं है। रोजगार सहायक पर यह भी आरोप है कि उन्होंने सरपंच के हस्ताक्षर के बिना बड़ी संख्या में फर्जी मस्टर भरकर पैसे निकाले हैं। इन मस्टरों के लाभार्थी कभी मजदूर थे ही नहीं। शिकायत में यह भी बताया गया है कि आरती सिंह कथित तौर पर फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी कर रही हैं और पिछले एक साल से पंचायत कार्यालय से अनुपस्थित हैं। सरपंच ने जानकारी दी कि पिछली बार गड़बड़ियों के कारण तत्कालीन सीईओ ने उनकी सेवा समाप्त कर दी थी, लेकिन उन्होंने जांच में धांधली कर अपनी सेवा दोबारा बहाल करा ली थी। सरपंच और पंचों ने रोजगार सहायक आरती सिंह के खिलाफ कठोर विभागीय कार्यवाही की मांग की है। जिला पंचायत सीईओ ने मामले की जांच के आदेश दिए हैं।

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