68वीं राष्ट्रीय शालेय मलखम्ब प्रतियोगिता का समापन शुक्रवार को हुआ। इस स्पर्धा में ओवरऑल चैंपियनशिप में महाराष्ट्र को विजेता और मध्यप्रदेश को उपविजेता घोषित किया गया। समापन कार्यक्रम में कलेक्टर नीरज सिंह ने कहा कि शासन ने राष्ट्रीय शिक्षा नीति में परंपरागत भारतीय खेलों के विकास के लिए पर्याप्त योजनाओं को शामिल किया है। विकसित राष्ट्र की जो संकल्पना की गई है, उसे हमारे ये खिलाड़ी पूरा करने में सक्षम होंगे। उन्होंने यह भी कहा कि मलखम्ब का यह पारंपरिक खेल प्रतिभागी खिलाड़ियों को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से सशक्त बनाता है। स्टूडेंट्स ने दी कई सांस्कृतिक प्रस्तुतियां लोति विद्यालय के प्रांगण में आयोजित समापन कार्यक्रम में मध्यप्रदेश मलखम्ब फेडरेशन के अध्यक्ष सोनू गेहलोत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार ने मलखम्ब को राजकीय खेल का दर्जा दिया है और निकट भविष्य में देश की पहली मलखम्ब अकादमी उज्जैन में खोले जाने का जो संकल्प लिया है, उससे इस परंपरागत खेल का विकास होगा और प्रदेश का नाम देशभर में गौरवान्वित होगा। कार्यक्रम में डीईओ आनंद शर्मा, सहायक संचालक संजय त्रिवेदी, हिमानी लोदवाल, एएस बघेल, योजना अधिकारी संगीता श्रीवास्तव, रामसिंह बनिहार समेत अन्य लोग उपस्थित थे। कार्यक्रम में विभिन्न स्थानों से आए खिलाड़ियों ने मार्च पास्ट किया। प्रतिभा संगीत कला अकादमी की छात्राओं ने प्रतिभा रघुवंशी एलची के निर्देशन में नृत्य प्रस्तुति दी। परंपरानुसार खेल ध्वजावतरण किया गया, और अतिथियों ने संगठन सचिव को ध्वज सौंपा। इस अवसर पर अतिथियों और विभिन्न प्रदेशों के मैनेजर्स को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। कलेक्टर नीरज सिंह ने प्रतियोगिता के समापन की घोषणा की। कार्यक्रम का संचालन शैलेन्द्र व्यास ने किया और आभार एडीपीसी गिरीश तिवारी ने व्यक्त किया। महाराष्ट्र विजेता तो मप्र उप विजेता रहा प्रचार-प्रसार समिति के संयोजक अमितोज भार्गव और संजय लालवानी के मुताबिक मलखम्ब प्रतियोगिता में विभिन्न वर्गों में परिणाम


