हजारीबाग जिले के विभिन्न प्रखंड क्षेत्र में संचालित तीन पैक्स और एक एफपीओ समेत चार धान क्रय केंद्रों के प्रबंधकों के विरुद्ध एफआईआर दर्ज करने की तैयारी पूरी कर ली गई है। इनके विरुद्ध एफआईआर करने का आदेश उपायुक्त नैंसी सहाय ने जारी कर दिया है। उक्त सभी के विरुद्ध संबंधित थाना में विभाग एफआईआर दर्ज कराएगा। इनके विरुद्ध पैसा बकाया रखने को लेकर पूर्व में भी सर्टिफिकेट केस दर्ज किया जा चुका है। बावजूद इसके उनके द्वारा बकाया राशि का भुगतान नहीं किए जाने के कारण प्रशासन ने अब एफआईआर दर्ज कराने का निर्णय ले लिया है। जिन पैक्स अध्यक्ष व एफपीओ के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज किया जाना है उनमें इचाक प्रखंड के दरिया पैक्स, सदर प्रखंड के मेरु पैक्स, चुरचू पैक्स तथा बड़कागांव के एपीओ उतरी छोटानागपुर फार्मर प्रोडयूसर प्राईवेट लिमिटेड शामिल हैं। उक्त सभी पर वित्तीय वर्ष 2023 – 24 में खाद्य एवं आपूर्ति विभाग का 83 लाख रुपए बकाया रखने का आरोप है। जिसमें सबसे अधिक धान का बकाया रखने वाला इचाक का दरिया पैक्स संचालक यमुना प्रसाद मेहता हैं। इनके उपर 1697 क्विंटल धान का 39,03591 रुपए बकाया है। जबकि सदर प्रखंड के मेरु पैक्स के संचालक मीनू देवी पर 23 लाख, चुरचू पैक्स के संचालक श्याम सुंदर भारती पर 15 लाख तथा एफपीओ उतरी छोटानागपुर फार्मर प्रोडयूसर प्राईवेट लिमिट बड़कागांव के संचालक कामेश्वर महतो व गणेश महतो के उपर छह लाख रुपए से अधिक का बकाया है। जानकारी देते हुए जिला खाद्य आपूर्ति पदाधिकारी सुधीर कुमार ने बताया कि इन पर पूर्व में सर्टिफीकेट केस दर्ज कराया जा चुका है। बार बार पैसे को लेकर इन्हें पत्र दिया जा रहा था, लेकिन इनके द्वारा इसकी अनदेखी की गई। बताया गया कि सभी पैक्स और एफपीओ अलग अलग प्रखंड के है। इसी के आलोक में सभी पैक्स संचालकों पर अलग अलग प्राथमिकी दर्ज कराई जाएंगी। संभावना जताया जा रहा है कि जनवरी के दूसरे सप्ताह में सभी पैक्स संचालकों पर प्राथमिकी दर्ज करा दी जाएंगी। ज्ञात हो कि उपायुकत के अनुशंसा के बाद इन्हें धान अधिप्राप्ति कार्य से भी दूर रखा गया है। मालूम हो कि वित्तीय वर्ष 2023 -24 में 15 हजार 860 क्विंटल धान का हिसाब नहीं देने वाले केरेडारी, विष्णुगढ़ और टाटीझरिया के सात पैक्सों पर प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी। इसके अलावा एक राईस मिल तृप्ति को भी इस मामले में सील करते हुए प्राथमिकी दर्ज कराई गई थी । इन सभी पैक्सों को 2024 -25 में धान क्रय से बाहर रखा गया है। वहीं इन पर आपूर्ति कार्यालय द्वारा पैसे की वसूली को लेकर सर्टिफिकेट केस दर्ज किया गया था। इन पर धान खरीदने और भुगतान लेने के बाद धान मिल को उपलब्ध नहीं कराने का आरोप लगा था। डीएसओ सुधीर कुमार ने कहा कि उपायुक्त ने प्राथमिकी का आदेश दे दिया है। जल्द ही प्राथमिकी दर्ज करा दी जाएंगी। विभाग सभी मानको को ध्यान में रखते हुए काम कर रही है। धान क्रय करने से भी दूर रखने का फैसला


