भास्कर न्यूज | जालंधर दफ्तरी कर्मचारियों द्वारा की जा रही हड़ताल के चलते जिला शिक्षा अफसरों ने कर्मचारियों की अटेंडेंस न लगाने के आदेश जारी किए हैं। इससे कर्मचारियों में आक्रोश बढ़ गया है। शुक्रवार को इस संबंध में कर्मचारियों ने हाजिरी बंद करने वाले अधिकारियों के खिलाफ प्रदर्शन किया। यूनियन का कहना है कि अगर आदेश वापस नहीं लिए गए तो कर्मचारी दफ्तरों के काम पूरी तरह से बंद कर देंगे। यूनियन के नेताओं ने कहा कि वित्त मंत्री हरपाल चीमा द्वारा 26 दिसंबर को पंजाब सिविल सचिवालय में हुई बैठक के दौरान उच्च अधिकारियों को कर्मचारियों की मांगों को तुरंत हल करने के आदेश दिए गए थे, लेकिन शिक्षा विभाग के कुछ जिला अधिकारी बिना किसी आदेश के उपस्थित कर्मचारियों को हाजिरी लगाने से रोक रहे हैं। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की ओर से 21 अप्रैल 2022 और कैबिनेट सब कमेटी की ओर से 14 मार्च 2024 को दफ्तरी कर्मचारियों को रेगुलर करने की सहमति दी गई थी। लेकिन अब तक इन आदेशों को लागू नहीं किया गया। सर्व शिक्षा अभियान मिड डे मील दफ्तरी कर्मचारी यूनियन के नेता शोभित भगत, गगनदीप शर्मा, गगल स्याल, राजीव शर्मा, मनजीत सिंह ने कहा कि कैबिनेट सब कमेटी की बैठक में मामला हल होने के बाद भी कर्मचारियों की फाइलों को उलझा रखा है। नेताओं ने कहा कि नौ जनवरी को यूनियन शिक्षा भवन मोहाली के बाहर धरना देंगे। इसके साथ ही चंडीगढ़ मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च करेंगे। उन्होंने कहा कि वित्त मंत्री ने सात जनवरी 2025 को यूनियन के साथ बैठक करने का आश्वासन दिया है, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई पत्र जारी नहीं किया गया है। शुक्रवार को हुए प्रदर्शन के दौरान पंकज, शिखा, ममता, मिथुन, हरप्रीत , शालू, तरन, अमरजीत, रवि, रजनी, सुनीता, शिवानी, विजय और मीनू मौजूद रहे।


