डूंगरपुर| रियल एस्टेट क्षेत्र में उपभोक्ताओं के साथ आए दिन होने वाली धोखाधड़ी व सुविधाएं नहीं मिलने की शिकायतों पर नगरीय विकास विभाग ने आदेश जारी किया है। रियल एस्टेट अधिनियम-2016 लागू होने के बाद प्रत्येक प्रमोटर को उसकी पंजीकरण योग्य रियल एस्टेट परियोजना को रेरा प्राधिकरण में पंजीयन कराना कानूनन अनिवार्य है। कोई प्रमोटर, जिनमें स्थानीय निकाय भी शामिल है। रेरा ऑथोरिटी में परियोजना के पंजीकरण के बिना उस परियोजना के प्लॉट, फ्लैट व आवास को बेच नहीं सकेगा। नगरीय विकास विभाग के प्रमुख शासन सचिव वैभव गालरिया ने आदेश जारी किया है, जिसमें बताया कि बिना रेरा प्राधिकरण में परियोजना के रजिस्ट्रेशन के स्थानीय निकाय परियोजना का कोई पट्टा विलेख जारी नहीं करें।


