देश में ओलिंपिक के आयोजन की तैयारी और ‘खेलो इंडिया’ जैसी योजनाओं से गांवों की प्रतिभा निखारने की मुहिम चल रही है। इन दिनों उदयपुर में भी खेलो इंडिया गेम्स भी चल रहे हैं। लेकिन, जमीनी स्तर पर हालात इसके बिल्कुल उलट हैं। यहां मामूली बजट के लिए भी आयोजकों को महीनों तक विभागों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। दरअसल, शिक्षा विभाग की 69वीं राज्य स्तरीय अंडर-14 जूडो प्रतियोगिता का आयोजन 30 सितंबर से 5 अक्टूबर तक राउप्रावि कालारोही की मेजबानी में एमबी स्थित इंडोर स्टेडियम में हुआ था। प्रदेश के 40 जिलों की टीमों ने इसमें हिस्सा लिया। डीईओ बोले- तकनीकी कारणों से भुगतान रुका जिला शिक्षा अधिकारी प्राथमिक चंद्रशेखर जोशी का कहना है कि उदयपुर के कालारोही स्कूल और उनकी टीम ने बहुत अच्छा आयोजन किया है। इसके लिए सभी बधाई के पात्र हैं। स्कूल को बजट राशि नहीं मिलने की सूचना मिली है। संबंधित अधिकारी से बात कर ली गई है। तकनीकी कारणों से भुगतान अटका था। जल्द ही इसका समाधान निकालकर राशि जारी करा देंगे। कुल खर्च 5 लाख से ज्यादा, सिर्फ सरकारी बिल लंबित आयोजन पर 5 लाख रुपए से अधिक खर्च हुआ, लेकिन विभाग की ओर से तय 25 हजार रुपए का बजट आज तक स्कूल को नहीं मिला। बजट जारी होने के बावजूद यह राशि जिला शिक्षा विभाग से स्कूल तक नहीं पहुंची है। स्कूल प्रबंधन ने 1 नवंबर को ही जिला शिक्षा अधिकारी को खर्च का ब्योरा और पत्र सौंप दिया था, मगर अब तक भुगतान अटका हुआ है। आयोजन समिति के शारीरिक शिक्षक किशन सोनी ने बताया कि मेजबानी मिलते ही तैयारियां शुरू कर दी थीं। शहर के दानदाताओं से सहयोग लेकर प्रतियोगिता सफलतापूर्वक कराई गई, जिसमें कुल खर्च 5 लाख से ऊपर चला गया। विभाग द्वारा जारी 25 हजार रुपए कुल खर्च का महज 5% है, लेकिन लेखा शाखा ने इस रकम का बिल भी लटका रखा है। ऐसे में खेल और खिलाड़ियों को बढ़ावा कैसे मिलेगा?


