गुरुग्राम के सेक्टर-77 स्थित एमआर पाम हिल्स सोसाइटी से राजस्थान पुलिस की एंटी गैंगस्टर टास्क फोर्स (एजीटीएफ) ने लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े प्रदीप गुर्जर उर्फ प्रदीप राव को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर 25 हजार रुपए का इनाम घोषित था। पुलिस के अनुसार, प्रदीप गुर्जर इस पॉश सोसाइटी के ईडब्ल्यूएस कैटेगरी के फ्लैट में अपनी गर्लफ्रेंड के साथ छिपकर रह रहा था। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। 150 सीसीटीवी खंगाले, गार्ड बनकर की निगरानी एजीटीएफ की टीम ने आरोपी को पकड़ने के लिए करीब 150 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। टीम ने सोसाइटी के गेट पर गार्ड बनकर कई दिनों तक निगरानी की और सही समय पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को दबोच लिया। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़ा था आरोपी एजीटीएफ के एडीजी दिनेश एमएन ने प्रदीप गुर्जर, निवासी कोटपूतली, की गिरफ्तारी की पुष्टि की है। जांच में सामने आया है कि प्रदीप कुख्यात गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के करीबी सहयोगी सचिन थापन के लिए काम कर रहा था। पुलिस अब उससे गैंग की गतिविधियों और नेटवर्क से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। हार्डकोर गैंग लीडर पुलिस के मुताबिक प्रदीप एक हार्डकोर आपराधिक गिरोह का सरगना है। उसकी गैंग के बदमाश हाईवे, होटलों पर फायरिंग कर डर पैदा करने और रंगदारी वसूलने का काम करते हैं। प्रदीप पर रंगदारी, बैंक लूट, डकैती, हत्या और हत्या के प्रयास के 3 दर्जन से ज्यादा केस दर्ज हैं। 7 मुकदमों में फरार चलने पर उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने ऐसे लगाया ट्रैप आरोपी को पकड़ने के लिए एडिशनल एसपी सिद्धांत शर्मा और इंस्पेक्टर राम सिंह की अगुआई में विशेष टीम तैयार की। टीम ने सीसीटीवी खंगाल कर गुरुग्राम स्थित पॉश सोसाइटी एमआर पाम हिल्स के गेट पर गार्ड बनाकर तैनात किया। हेड कॉन्स्टेबल सुधीर कुमार ने गार्ड बनकर सोसाइटी में इंट्री ली। एसआई बनवारी लाल, हेड कॉन्स्टेबल सुधीर कुमार को उसके एक फ्लैट में छिपे होने की जानकारी मिली थी। बृहस्पतिवार को मौका पाकर पुलिस ने छापा मारा और उसे पकड़ लिया। टीम आरोपी को गुरुग्राम से कोटपूतली लेकर चली गई। फायरिंग से दहशत फैलाकर फिरौती वसूलते पुलिस के मुताबिक गैंग हाईवे पर बने होटलों पर अंधाधुंध फायरिंग कर दहशत फैलाता था। बाद में व्यापारी को धमकी भरी पर्ची भेजकर फिरौती की मांग की जाती थी। वह कोटपूतली, बहरोड़, बानसूर, भीलवाड़ा और गुरुग्राम के युवकों को गैंग में शामिल कर रहा था। उसके गैंग की शुरुआत भीलवाड़ा से हुई थी।


