जैसलमेर में सर्दी ने अब अपना असर स्पष्ट रूप से दिखाना शुरू कर दिया है। पिछले कुछ दिनों से जहां तापमान में उतार-चढ़ाव बना हुआ था, वहीं अब दिन का पारा भी तेजी से गिरने लगा है। गुरुवार को अधिकतम तापमान में 1.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई और यह सामान्य से 2.8 डिग्री नीचे जाकर 26 डिग्री पर पहुंच गया। इसी के साथ यह इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। न्यूनतम तापमान 13.2 डिग्री रिकॉर्ड हुआ, जो सामान्य से 0.2 डिग्री कम रहा। कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि 28 नवंबर को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट होगी। दिसंबर की शुरुआत में पारा 3 से 4 डिग्री तक नीचे जा सकता है, जिससे सर्दी का असर और तीव्र हो जाएगा। उत्तरी हवाओं से बढ़ी सर्दी जैसलमेर में अलसुबह और देर रात चल रही उत्तरी सर्द हवाओं ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया है। दिन में हल्की धूप ने थोड़ी राहत जरूर दी, लेकिन शाम ढलते ही सर्दी का असर फिर तेजी से बढ़ गया। इस बदलाव ने आमजन के साथ-साथ किसानों को भी प्रभावित किया है, हालांकि किसान इसे फसलों के लिए लाभकारी मान रहे हैं। उनका कहना है कि जितनी अधिक सर्दी पड़ेगी, रबी फसलों की गुणवत्ता और उत्पादन उतना बेहतर होगा। लगातार बढ़ेगी ठंड कृषि मौसम वैज्ञानिक अतुल गालव ने बताया कि 28 नवंबर को एक नए पश्चिमी विक्षोभ के प्रभाव से प्रदेश के कुछ हिस्सों में बादल छाने और हल्की बारिश होने की संभावना है। इससे तापमान में और गिरावट होगी। दिसंबर की शुरुआत में पारा 3 से 4 डिग्री तक नीचे जा सकता है, जिससे सर्दी का असर और तीव्र हो जाएगा।


