मऊगंज जिले में प्रधानमंत्री पोषण मिशन और साझा चूल्हा योजना के तहत कार्यरत महिला स्व-सहायता समूहों ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपनी लंबित समस्याओं के समाधान की मांग की। प्रांतीय महिला स्व-सहायता समूह महासंघ (म.प्र.) की जिला अध्यक्ष पुष्पा त्रिपाठी और शोभा मिश्रा के नेतृत्व में एक दर्जन से अधिक महिलाओं ने कलेक्टर को ज्ञापन दिया। समूहों ने बताया कि प्रधानमंत्री पोषण मिशन के अंतर्गत स्कूलों में बच्चों को पका हुआ भोजन लगातार उपलब्ध कराया जा रहा है। हालांकि, पिछले तीन महीनों से भोजन सामग्री की लागत राशि समूहों को प्राप्त नहीं हुई है, जिससे उन पर आर्थिक बोझ बढ़ गया है। चूल्हा योजना की राशि पिछले चार महीने से लंबित इसके अतिरिक्त, साझा चूल्हा योजना की राशि भी पिछले चार महीने से लंबित है। समूहों का कहना है कि उन्हें न तो मानदेय समय पर मिल रहा है और न ही खाद्यान्न समय पर उपलब्ध कराया जा रहा है। इससे कई बार स्कूल स्तर पर सामग्री की व्यवस्था करना मुश्किल हो जाता है, जिससे भोजन वितरण में बाधा आती है। महिलाओं ने यह भी जानकारी दी कि मई, जून और जुलाई माह की साझा चूल्हा योजना की राशि मऊगंज और नईगढ़ी परियोजना में वितरित कर दी गई है, लेकिन हनुमना परियोजना की राशि अभी तक जारी नहीं की गई है। इस असमान वितरण से समूहों में असंतोष है। जिला अध्यक्ष पुष्पा त्रिपाठी ने कहा कि समय पर भुगतान और खाद्यान्न उपलब्ध न होने से महिलाओं की आजीविका प्रभावित हो रही है। ज्ञापन में मांग की गई है कि लंबित राशि को शीघ्र स्वीकृत किया जाए और योजनाओं का नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए। कलेक्टर ने ज्ञापन प्राप्त करने के बाद समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया।


