देवास जिले की ग्राम पंचायत सोबल्यापुरा में एक उत्कृष्ट बाल वाटिका का निर्माण किया गया है, जिसे जिले की मॉडल पंचायत बनाने की तैयारी की जा रही है। यहां बच्चों के लिए खेल, पढ़ाई और प्रकृति के बीच सीखने की व्यवस्था की गई है। बच्चों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए महिला सरपंच अनुबाई लक्ष्मण सिंह परिहार ने अपने मानदेय से 25,000 रुपये खर्च कर चार सीसीटीवी कैमरे लगवाए हैं। यह पहल कलेक्टर ऋतुराज और मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत ज्योति शर्मा के मार्गदर्शन में की गई है। बाल वाटिका का मुख्य उद्देश्य बच्चों के समग्र विकास, स्वच्छ वातावरण, सुंदरता और बेहतर शिक्षा माहौल को बढ़ावा देना है। सोबल्यापुरा जिले की एकमात्र पंचायत है जहां सभी 14 पंच, सरपंच और उपसरपंच महिलाएं चुनी गई हैं। महिला सशक्तिकरण का यह अनोखा उदाहरण है। सरपंच अनुबाई परिहार ने वर्ष 2008 में भी अपनी पंचायत को राष्ट्रपति पुरस्कार दिलवाया था। शासन की नवाचार योजना के तहत बनाई गई इस बाल वाटिका में बच्चों के मनोरंजन और सुरक्षा दोनों पर विशेष ध्यान दिया गया है। सरपंच द्वारा लगाए गए सीसीटीवी कैमरे वाटिका की निगरानी में मदद करेंगे। सरपंच प्रतिनिधि लक्ष्मण सिंह परिहार ने बताया कि वाटिका 4000 वर्ग फीट क्षेत्र में बनाई गई है। इसमें हरी घास, लगभग 50 प्रकार के फूलदार पौधे लगाए गए हैं और पौधों की सिंचाई के लिए 380 फीट की ड्रिप सिस्टम लगाई गई है। सुरक्षा के लिए चारों तरफ 2.5 फीट ऊंची दीवार बनाई गई है। वाटिका में 2600 वर्ग फीट में पेंटिंग, 2500 वर्ग फीट में पेवर ब्लॉक और 1120 वर्ग फीट में सुरक्षा तार जाली लगाई गई है। बच्चों के लिए बैठने, खेलने और सीखने की सुविधाएं भी विकसित की गई हैं।


