15 साल बाद फिर खुलेगी बंद शराब दुकान:रमन सिंह के कार्यकाल में हुई थी बंद, अब फिर विवादों में

बलौदाबाजार के पलारी तहसील स्थित संडी बंगला में 15 साल पहले बंद हुई शराब दुकान को फिर से खोलने की ग्राम पंचायत की मांग ने एक नया सामाजिक और राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। यह वही दुकान है जिसे वर्ष 2009-10 में तत्कालीन मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और आबकारी मंत्री अमर अग्रवाल के निर्देश पर, ग्रामीणों के बड़े आंदोलन के बाद बंद किया गया था। वर्ष 2009-10 में, संडी बंगला और आसपास के दर्जनों गांवों के हजारों निवासियों ने इस शराब दुकान के खिलाफ एक बड़ा आंदोलन किया था। ग्रामीणों ने दो महीने तक लगातार 24 घंटे अखंड रामायण पाठ का आयोजन किया और दुकान के सामने धरना दिया। यह आंदोलन तत्कालीन आबकारी आयुक्त गणेश शंकर मिश्र के लिखित आश्वासन के बाद समाप्त हुआ था। सरपंच बोले- अवैध शराब बिक्री पर लगेगा अंकुश वर्तमान में, ग्राम पंचायत के सरपंच टामिन मुरली साहू और जनपद सदस्य वीरेंद्र महेश्वरी इस शराब दुकान को फिर से खोलने की वकालत कर रहे हैं। उनका तर्क है कि इससे अवैध शराब की बिक्री पर अंकुश लगेगा और स्थानीय व्यापार को बढ़ावा मिलेगा। सरपंच साहू ने कहा, “अवैध शराब बिक्री रोकने के लिए यह जरूरी है।” हालांकि, इस मांग का स्थानीय लोगों द्वारा कड़ा विरोध किया जा रहा है। पूर्व आंदोलन के मुख्य सूत्रधार और बीजेपी के पूर्व मंडल अध्यक्ष तेजी वर्मा ने इस कदम को “ग्रामीणों के साथ धोखा” बताया। उन्होंने कहा कि यदि अवैध शराब बिक रही है, तो प्रशासन को उस पर कार्रवाई करनी चाहिए, न कि नई दुकान खोलनी चाहिए। ग्रामीण बोले- असुरक्षा बढ़ेगी और अपराधों में वृद्धि होगी खैरा, लुटूडीह, सकरी, कोदवा, ससहा, जारा, देवसुंद्रा, गाडाभाटा, खरतोरा, छेड़कडीह, रेंगाडीह जैसे दर्जनों गांवों से संडी मुड़पार होकर अस्पताल, तहसील, रायपुर, बलौदा बाजार और स्कूल-कॉलेज जाने वाली युवतियों और नौकरीपेशा महिलाओं ने गंभीर चिंता व्यक्त की है। उनका मानना है कि शराब दुकान खुलने से उनके दैनिक आवागमन में असुरक्षा बढ़ेगी और अपराधों में वृद्धि हो सकती है। समाजसेवी युवा नेता धन्नू साहू (रेंगाडीह) ने कहा कि व्यापार में मंदी का मुख्य कारण ऑनलाइन शॉपिंग और बेहतर यातायात व्यवस्था है। उन्होंने तर्क दिया कि शराब दुकान से स्थानीय अर्थव्यवस्था को होने वाला लाभ बहुत सीमित होगा, जबकि इसके सामाजिक नुकसान दीर्घकालिक होंगे। इसलिए, वे शराब दुकान खोलने का पुरजोर विरोध कर रहे हैं।

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