इंदौर से शुरू हुई पीएम श्री हेलिकॉप्टर सेवा को लेकर महत्वपूर्ण और तकनीकी जानकारी सामने आई है। ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग दर्शन के लिए शुरू की गई इस सेवा में उपयोग होने वाला हेलिकॉप्टर अमेरिका का सेकेंड-हैंड सिंगल इंजन विमान है। सूत्रों के अनुसार, यह हेलिकॉप्टर पहले एक निजी कंपनी ने लगभग 17 करोड़ रुपए में खरीदा था। बाद में ट्रांसभारत एविएशन कंपनी ने इसे करीब 14 करोड़ रुपए में खरीदा और अब इसी का उपयोग पीएम श्री सेवा में किया जा रहा है। उड़ान खर्च: घंटे का खर्च एक लाख, सीटें केवल 6 कंपनी से जुड़े सूत्रों का कहना है कि हेलिकॉप्टर को उड़ाने में प्रति घंटे लगभग 1 लाख रुपए का खर्च आता है। हेलिकॉप्टर की सीटिंग क्षमता केवल 6 यात्रियों की है। इस हिसाब से, पूर्ण क्षमता पर भी उड़ान आर्थिक रूप से घाटे का सौदा साबित हो सकती है। कंपनी के वाइस प्रेसिडेंट कैप्टन एस. भट्टाचार्य ने बताया, लेकिन वजन के आधार पर किराया क्यों? हेलिकॉप्टर का कुल वजन 2281 किलोग्राम है, जो सामान्य हेलिकॉप्टर क्षमता के बराबर होता है। इसी कारण, मेंटेनेंस महंगा, कई पार्ट्स विदेश से आयात इस हेलिकॉप्टर के मेंटेनेंस, अतिरिक्त फ्यूल, पायलटों का वेतन, इंजीनियरिंग स्टाफ की लागत और कई तकनीकी पार्ट्स ऐसे हैं जिन्हें खराब होने पर विदेश से मंगाना पड़ता है। इन सभी कारणों से संचालन लागत काफी बढ़ जाती है। इसके बावजूद कंपनी का दावा है कि किराया संतुलित रखा गया है। वजन सीमा और अतिरिक्त टिकट का नियम कैप्टन भट्टाचार्य ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा और हेलिकॉप्टर मेंटेनेंस में कोई समझौता नहीं किया जाता। इसीलिए, हेलिकॉप्टर से यात्रा करने वालों के लिए वीआईपी दर्शन ओंकारेश्वर पहुंचने के बाद प्रत्येक यात्री को 1.5 घंटे का समय दर्शन के लिए मिलेगा।इसके अलावा,


