खजूरी छात्रावास में अव्यवस्थाओं की शिकायत:छात्र और ग्रामीणों ने डीईओ से मिले, अब पूरी टीम करेगी जांच

सीधी जिले के खजूरी स्थित शासकीय 100 सीटर बालक छात्रावास में अव्यवस्थाओं और अधीक्षक की कार्यशैली को लेकर गंभीर शिकायतें सामने आई हैं। बच्चों और ग्रामीणों ने जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) पवन सिंह से लिखित शिकायत की है। शिकायत दर्ज होने के बाद डीईओ ने मामले की जांच के लिए एक टीम गठित करने के निर्देश दिए हैं। छात्रों के अनुसार, छात्रावास अधीक्षक शशिकांत पांडे सप्ताह में केवल एक दिन ही छात्रावास में रुकते हैं। नियमानुसार, अधीक्षक को छात्रों के साथ ही निवास करना अनिवार्य है। बच्चों ने भोजन की गुणवत्ता पर भी सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि उन्हें महीनों से मीठे में खीर या सेवई नहीं दी गई है। जब वे इस बारे में पूछते हैं तो उन्हें डांटकर भगा दिया जाता है। छात्रावास में उपस्थिति को लेकर भी गंभीर अनियमितताएं सामने आई हैं। छात्रावास में 94 बच्चे पंजीकृत हैं, लेकिन प्रतिदिन केवल 10-15 छात्र ही उपस्थित रहते हैं। इसके बावजूद उपस्थिति रजिस्टर में सभी बच्चों की हाजिरी दर्ज की जाती है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि कम संख्या के बावजूद बच्चों के नाम पर आने वाली सामग्री का हिसाब स्पष्ट नहीं है। स्थानीय ग्रामीण विजय कुमार तिवारी ने बताया कि जब वे बच्चों की स्थिति देखने छात्रावास पहुंचते हैं, तो उन्हें अंदर जाने नहीं दिया जाता। उन्होंने अधीक्षक शशिकांत पांडे पर कई बार अपशब्दों का प्रयोग करने का भी आरोप लगाया है। तिवारी ने इस संबंध में लिखित शिकायत भी दर्ज कराई है। वहीं, अधीक्षक शशिकांत पांडे ने इन आरोपों का खंडन किया है। उन्होंने कहा कि उनकी अनुमति के बिना छात्रावास में किसी को भी प्रवेश की अनुमति नहीं है। प्रवेश का अधिकार केवल उन्हें या जिला शिक्षा अधिकारी को है। उन्होंने ग्रामीणों को “बायलाज पढ़कर आने” की सलाह दी। पांडे ने भोजन संबंधी शिकायतों को भी गलत बताया और दावा किया कि बच्चों को निर्धारित मीनू के अनुसार ही भोजन दिया जा रहा है।

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