झालावाड़ में स्कूली बच्चों की पिटाई का मामला सामने आया है। स्कूल इंचार्ज बच्चों की लकड़ी से पिटाई कर रहा है और मुर्गा बना दिया। बच्चों की पिटाई का वीडियो भी सामने आया है। मामला जिले के झालरापाटन राजकीय आवासीय स्कूल में गुरुवार का है। स्कूली बच्चों ने इंचार्ज पर मारपीट करने और जातिसूचक शब्दों से अपमानित करने के आरोप लगाए हैं। वीडियो में साफ नजर आ रहा है कि इंचार्ज एक पतली लकड़ी लेकर खड़ा है और छात्रों को लाइन में खड़ा कर पिटाई कर रहा है। एक छात्र को पकड़ लिया और हाथ से पीठ, गाल और सिर पर जमकर पिटाई की। छात्रों ने अपमानित करने और मारपीट के आरोप लगाए
इस मामले में हॉस्टल के अंदर से उन बच्चों के वीडियो भी सामने आए हैं, जिन बच्चों की पिटाई की गई थी। बच्चों ने इंचार्ज पर कई तरह के आरोप लगाए हैं। ये कक्षा 6 से लगाकर 8 तक में पढ़ने वाले छोटे बच्चे है। इसके अलावा इसी आवासीय स्कूल में पढ़ने वाले बड़ी कक्षाओं के छात्रों और स्कूल से निकाल दिए गए छात्रों ने भी मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए है। इसी स्कूल के 12वीं कक्षा में पढ़ने वाले दो छात्रों ने बताया- स्कूल में इंचार्ज राजेंद्र आर्य छोटे बच्चों के साथ आए दिन मारपीट करते हैं। न सिर्फ मारपीट करते हैं बल्कि जाति सूचक शब्दों से भी छोटे बच्चों को अपमानित करते हैं। एक छात्र ने बताया – मारपीट का विरोध करता था तो कुछ महीने पहले स्कूल से ये कह कर निकाल दिया कि वह साइंस का स्टूडेंट है। उसकी पढ़ाई यहां नहीं हो सकती इसलिए उसे अब झालरापाटन में कमरा किराया लेकर रहना पड़ रहा है। वही एक दूसरे छात्र का कहना है कि मारपीट का विरोध करने पर राजेंद्र आर्य उसे टीसी देने की धमकी देते हैं। स्कूल के एक छात्र ने बताया- उसके पैर में कई दिनों से सूजन आ रही थी। उस सूजन में भी इंचार्ज ने उसे 100 उठक-बैठक लगवाई। बच्चे के बताने पर इंचार्ज ने कहा कि पैर सूज रहा है तो मर नहीं जाएगा। इस मामले में सीईओ शंभूदयाल मीणा ने कहा जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। आवासीय स्कूल में बच्चों की पिटाई का जो वीडियो सामने आया है, उसको तत्काल दिखवाया जाएगा। इसमें जो भी दोषी होगा उस पर कार्रवाई होगी। इंचार्ज राजेंद्र आर्य बोले- केवल डांट लगाई स्कूल में बच्चे बाहर निकल रहे थे। इस कारण से पतली लकड़ी से डरा रहा था। मुर्गा तो कुछ देर ही बनाया है। पिटाई जैसी कोई बात नहीं है। बच्चों को अनुशासन में रखने के लिए केवल डांट पिलाई है। उनकी पिटाई करने की बात गलत है। जिलेभर के माडा चयनित बच्चे यहां पढ़ते है
झालरापाटन का ये आवासीय स्कूल जिलेभर के माडा चयनित गांवों के जरूरतमंद छात्रों के लिए है। वर्तमान में यहां 12वीं कक्षा तक 243 छात्र अध्ययनरत हैं। वीडियो में जिन छात्रों की पिटाई हो रही है, वे कक्षा 6, 7 और 8 के छात्र है। यह भी पढ़ें – करौली के नादौती में 9वीं क्लास के छात्र ने ये सुसाइड नोट लिखा और फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। घटना गुढ़ाचंद्रजी क्षेत्र के धांगड़ का पुरा गांव में हुई। मृतक छात्र की पहचान अंकित गुर्जर (14) के रूप में हुई है, जो गुढ़ाचंद्रजी के कमला भारतीय शिक्षण संस्थान (KBSS) में पढ़ता था। (यहां पढ़ें पूरी खबर)


