नक्सलियों ने दंडकारण्य स्पेशल जोनल कमेटी के प्रवक्ता विकल्प के नाम से एक पर्चा जारी किया है। पर्चा के माध्यम से कहा है कि उन्हें जानकारी मिली है कि नक्सल संगठन के लीडर देवजी को आंध्र प्रदेश में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। उनके साथ अन्य 50 साथी भी पकड़े गए हैं। पुलिस जल्द ही देवजी समेत अन्य साथियों को कोर्ट में पेश करें। इसके साथ ही नक्सलियों ने छ्त्तीसगढ़ के पड़ोसी राज्य आंध्र प्रदेश के अल्लूरी सितारामा राजू जिले में 18 और 19 नवंबर को हुई मुठभेड़ को फर्जी बताया है। नक्सल संगठन का कहना है कि पुलिस ने मुठभेड़ की कहानी बनाई है, जबकि हिड़मा समेत उनके अन्य 13 साथियों को पकड़कर मारा गया है। 13 नक्सलियों के एनकाउंटर के बाद माओवादियों ने 30 नवंबर को भारत बंद का ऐलान किया है। साथ ही कहा है कि हिड़मा समेत उनके 13 साथियों के एनकाउंटर की जांच सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश से करवाई जाए। नक्सलियों ने अपने पर्चे में यह भी कहा है कि, 30 नवंबर को उनके बंद में अस्पताल, एंबुलेंस और दूध गाड़ियों को छूट रहेगी। नक्सलियों ने कहा है कि, कोसा दादा और राजू दादा की भी हत्या हुई है। पुलिस ने मुठभेड़ में मारा जाना बताया था। जबकि मुठभेड़ की कहानी झूठी थी। इधर, बस्तर के IG सुंदरराज पी लगातार नक्सलियों से हिंसा छोड़कर हथियार डालने की अपील कर रहे हैं। उन्होंने कहा है कि माओवादियों के पास अब एक ही रास्ता है समय रहते सरेंडर कर दें।


