छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में एक प्राइवेट स्कूल के 5 साल के छात्र को पेड़ पर लटकाने वाली टीचर नाबालिग है। टीचर के बारहवीं के सर्टिफिकेट में दर्ज जन्मतिथि के मुताबिक उसकी उम्र 18 साल पूरी नहीं हुई है। सूरजपुर DEO ने जांच के बाद स्कूल की मान्यता रद्द कर दी है। वहीं पुलिस ने भी निजी स्कूल संचालक के खिलाफ FIR दर्ज किया है। इस मामले को हाईकोर्ट ने जनहित याचिका मानकर सुनवाई की थी और चीफ जस्टिस रमेश कुमार सिन्हा और जस्टिस बीडी गुरु की डिवीजन बेंच ने स्कूल शिक्षा सचिव से शपथपत्र के साथ जवाब मांगा था। हाईकोर्ट की सख्ती के बाद स्कूल प्रशासन के खिलाफ एक्शन लिया गया है। स्कूल के 60 से अधिक बच्चे दूसरे स्कूल में शिफ्ट किए जाएंगे। होमवर्क नहीं करने पर टीचर ने लटकाया दरअसल, यह मामला नारायणपुर के हंसवानी विद्या मंदिर का है। 24 नवंबर को यहां नर्सरी क्लास की टीचर ने बच्चों का होमवर्क चेक किया। केजी 2 के एक छात्र ने अपना होमवर्क नहीं किया था, जिसे टीचर ने सजा के तौर पर क्लास से बाहर निकाल दिया और उसे स्कूल परिसर में एक पेड़ पर रस्सी के सहारे लटका दिया था। रस्सी के सहारे बच्चा घंटों लटकता रहा। टीचर भी नाबालिग, संचालक के खिलाफ FIR बच्चे को पेड़ से लटकाने के बाद प्रशासन ने स्कूल की जांच कराई। हंसवानी विद्या मंदिर में जिस टीचर ने बच्चे को पेड़ से लटकाया था, वह भी नाबालिग है। टीचर ने साल 2020 में हाईस्कूल की सर्टिफिकेट परीक्षा हायर सेकेंडरी स्कूल देवनगर से पास की थी। दसवीं की अंकसूची में उसकी जन्मतिथि 02 दिसंबर 2007 दर्ज है। टीचर ने वर्ष 2022 में बारहवीं की परीक्षा उत्तीर्ण की और वर्तमान में कॉलेज की पढ़ाई करने के साथ ही वह निजी स्कूल में बतौर टीचर काम कर रही थी। अंकसूची में दर्ज जन्मतिथि के अनुसार टीचर की आयु 02 दिसंबर 2025 को 18 वर्ष पूर्ण होगी। 18 वर्ष पूर्ण होने के पहले ही उसे निजी स्कूल ने नौकरी में रख लिया था। स्कूल संचालक के खिलाफ मामला दर्ज मामला संज्ञान में आने के बाद परिजनों ने स्कूल पहुंचकर हंगामा किया था। डीईओ सूरजपुर द्वारा गठित जांच टीम के साथ ही रामानुजनगर पुलिस ने भी स्कूल पहुंचकर जांच की एवं परिजनों का बयान लिया। मामले में पुलिस ने स्कूल में संचालक सुभाष शिवहरे के खिलाफ धारा 127 (2) एवं किशोर न्याय बोर्ड की धारा 75, 82 के तहत अपराध दर्ज किया है। स्कूल की मान्यता रद्द, दूसरे स्कूल में शिफ्ट होंगे बच्चे हाईकोर्ट की सख्ती एवं डीपीआई से मिले निर्देश के बाद सूरजपुर डीईओ अजय कुमार मिश्रा ने हंसवानी विद्या मंदिर की मान्यता रद्द कर दी है। स्कूल में केजी 1 से लेकर आठवीं तक 60 से अधिक बच्चे पढ़ते हैं। स्कूल की मान्यता रद्द करने की जानकारी डीपीआई रायपुर को भेज दी गई है। इन बच्चों को दूसरे स्कूल में शिफ्ट किया जाएगा। हालांकि क्षेत्र के पेरेंट्स स्कूल को बंद करने के पक्ष में नहीं थे। अभिभावकों ने विधायक भूलन सिंह मरावी के समक्ष स्कूल को यथावत संचालित करने की मांग रखी। विधायक ने सूरजपुर कलेक्टर को फोन भी किया, लेकिन कलेक्टर ने उन्हें बताया कि मान्यता रद्द की जा चुकी है। संचालक सरकारी स्कूल में गेस्ट टीचर हंसवानी विद्या मंदिर का संचालन करने वाले सुभाष शिवहरे स्वयं सरकारी स्कूल में गेस्ट टीचर हैं। उनकी नियुक्ति रामानुजनगर क्षेत्र में है। उन्होंने निजी स्कूल का रजिस्ट्रेशन कराया और स्कूल का संचालन किया जा रहा था। बताया गया है कि स्कूल संचालन के लिए तय मापदंडों की अनदेखी एवं शर्तों को पूरा नहीं करने के कारण स्कूल की मान्यता रद्द की गई है। मामले में बीईओ रामानुजनगर डीएस लकड़ा ने विस्तृत जांच रिपोर्ट पेश की थी। …………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… होमवर्क नहीं करने पर स्टूडेंट को पेड़ से लटकाया…VIDEO: परिजनों का हंगामा, संचालक बोला-सिर्फ डराने के लिए सजा दी, टीचर रोते हुए बोली-गलती हो गई छत्तीसगढ़ के सूरजपुर में एक प्राइवेट स्कूल में केजी-टू के छात्र (5 वर्ष) को होमवर्क न करने पर टीचर ने घंटों पेड़ से लटकाए रखा। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पेरेंट्स का गुस्सा फूट पड़ा। बड़ी संख्या में परिजनों ने स्कूल के बाहर हंगामा कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…


