कोरबा में महिला आयोग की 11वीं जनसुनवाई:डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में कई पीड़िताओं को मिला न्याय

छत्तीसगढ़ राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष डॉ. किरणमयी नायक की अध्यक्षता में कोरबा जिले के कलेक्टोरेट सभा कक्ष में जनसुनवाई आयोजित की गई। यह प्रदेश स्तर पर 354वीं और कोरबा जिले में 11वीं जनसुनवाई थी, जिसमें महिला उत्पीड़न से संबंधित विभिन्न प्रकरणों पर सुनवाई हुई। एक मामले में, आवेदिका ने अनावेदकगण के खिलाफ शिकायत की थी, जिसके जवाब में अनावेदकगण ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। आवेदिका ने स्थानांतरण के बावजूद राहत न मिलने पर महिला आयोग में कार्रवाई की धमकी दी थी। आयोग ने अनावेदक को सार्वजनिक स्थल पर रात के समय आवारा पशुओं को भोजन कराने के प्रयास बंद करने की समझाइश दी और शासन की अनुमति से निर्धारित समय में ही भोजन प्रदान करने को कहा। इस समझाइश के साथ यह प्रकरण नस्तीबद्ध कर दिया गया। मकान का कब्जा करने के मामले में हुई सुनवाई एक अन्य महत्वपूर्ण प्रकरण दीनदयाल एलआईजी हाउसिंग के मकान की रजिस्ट्री से संबंधित था। आवेदिका की मां ने वर्ष 2014 में अनावेदक से यह मकान खरीदा था, लेकिन अनावेदक ने आज तक रजिस्ट्री आवेदिका की मां के नाम पर नहीं कराई है। हालांकि, उन्हें 2014 से ही मकान का कब्जा दे दिया गया था, जिसमें आवेदिका और उनकी मां निवास कर रही थीं। आयोग की सुनवाई में अनावेदक ने स्वीकार किया कि उसने आवेदिका की मां से 2 लाख रुपये नकद और 3.50 लाख रुपये का चेक लिया था। इस बात की पुष्टि अनावेदक ने 2023 में थाना कटघोरा को लिखे पत्रों में भी की है। हालांकि, अनावेदक का दावा है कि 3.50 लाख रुपये उसके खाते में नहीं आए और चेक डिसऑनर की शिकायत भी नहीं की गई। आयोग ने पाया कि अनावेदक का यह दावा कि उसे 3.50 लाख रुपये नहीं मिले, असत्य प्रतीत होता है। इस प्रकरण की अगली सुनवाई जनवरी 2026 में होगी। अगली सुनवाई में अनावेदक को 23 दिसंबर 2015 की तारीख वाले चेक के साथ सखी सेंटर के समक्ष उपस्थित होना होगा, जबकि आवेदिका को अपनी बैंक स्टेटमेंट प्रस्तुत करनी होगी, जिससे यह स्पष्ट हो सके कि उसने अनावेदक को 3.50 लाख रुपये का भुगतान किया था या नहीं।

FacebookMastodonEmail

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *