झालावाड़ में 29 नवंबर से 29 दिसंबर 2025 तक 49वां विटामिन ए कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग निदेशालय, जयपुर द्वारा संचालित इस अभियान के तहत 9 माह से 5 साल तक के बच्चों को विटामिन ए की खुराक पिलाई जाएगी। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य बच्चों में विटामिन ए की कमी को रोकना और उनकी आंखों के स्वास्थ्य की रक्षा करना है। यह अभियान विटामिन ए की कमी से होने वाली बीमारियों की रोकथाम में सहायक होगा। विटामिन ए की खुराक स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं द्वारा घर-घर जाकर दी जाएगी। इसके अतिरिक्त, स्कूलों और आंगनवाड़ी केंद्रों पर भी बच्चों को यह खुराक उपलब्ध कराई जाएगी। कार्यक्रम के दौरान विटामिन ए की कमी के लक्षणों के बारे में जागरूकता फैलाई जाएगी। साथ ही, बच्चों के माता-पिता को विटामिन ए के महत्व और इसके लाभों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की जाएगी। विटामिन ए का महत्व विटामिन ए आंखों की स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है। यह रोग प्रतिरोधक क्षमता को बढ़ाता है। यह बच्चों के विकास में मदद करता है। विटामिन ए की कमी से रात में दिखाई न देना, आंखों की समस्याएं और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। विटामिन ए के मुख्य कार्य स्वस्थ दृष्टि – यह रात की दृष्टि के लिए और आंखों को अंधेरे में देखने की क्षमता के लिए आवश्यक है। प्रतिरक्षा प्रणाली – यह शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है। शारीरिक विकास – यह बच्चों में स्वस्थ वृद्धि और विकास के लिए महत्वपूर्ण है। त्वचा और आंतरिक सतहें – यह त्वचा, फेफड़ों, आंत और मूत्र पथ की आंतरिक सतहों को स्वस्थ रखता है। एंटीऑक्सीडेंट – यह एक एंटीऑक्सीडेंट के रूप में कार्य करता है, जो कोशिकाओं को मुक्त कणों से होने वाले नुकसान से बचाता है। उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (प.क.) डॉ. अरविन्द कुमार नागर ने बताया कि स्वास्थ्य विभाग जिले के सभी माता-पिताओं से अपील करता है कि वे अपने बच्चों को विटामिन ए की खुराक दिलाएं और उनकी आंखों की स्वास्थ्य की रक्षा करें। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. साजिद खान ने बताया कि 29 नवंबर से 29 दिसंबर 2025 तक 49वां विटामिन ए कार्यक्रम आयोजन हेतु सभी तैयारियां पूर्ण कर ली गई है। विटामिन ए कार्यक्रम महिला एवं बाल विकास विभाग एवं चिकित्सा विभाग के संयुक्त प्रयासों से किया जा रहा है। जिसमें 29 नवंबर से 29 दिसंबर 2025 तक 49वां विटामिन ए कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम के माध्यम से जिले के लगभग 1.48 लाख बच्चों में विटामिन ए की कमी को रोकना और उनकी आंखों की स्वास्थ्य की रक्षा करना है।


