राजगढ़ जिले में रबी की फसल के लिए यूरिया की भारी किल्लत से किसान परेशान हैं। तीसरे दिन शुक्रवार को सुबह खिलचीपुर में बस स्टैंड के पास स्थित कृषक सहकारी विपणन समिति के बाहर खाद लेने के लिए सैकड़ों किसानों की भीड़ उमड़ पड़ी। खास बात यह रही कि कार्यालय सुबह खुलने से पहले ही किसानों ने अपने आधार कार्ड और जमीन की पट्टी की फोटोकॉपी जमीन पर रखकर कतारें बना दीं। जैसे ही किसान वहां पहुंचे उन्होंने कार्यालय की खिड़कियों पर लगे पेम्पलेट पर लिखा देखा कि आज यूरिया नहीं है, दुकान बंद रहेगी, फिर भी किसान वहां खाद की उम्मीद में बैठ रहे। तीन दिन से किसान लाइन में लग रहे गांवों से आए किसान महिलाओं सहित सुबह से खड़े रहे, लेकिन खाद नहीं मिलने से मायूस होते रहे। धामन्दा की केसरबाई ने बताया कि वह तीन दिन से खिलचीपुर का चक्कर लगा रही हैं, लेकिन खाद नहीं मिली। वहीं गादिया कलां के किसान मदन सिंह ने कहा- “सुबह 6 बजे से आता हूं, शाम तक खड़ा रहता हूँ। रोज कहते हैं खाद नहीं है, गाड़ी नहीं आई। पता नहीं गाड़ी आती भी है या कहीं और बेची जा रही है। पेट्रोल का खर्च अलग और आज तीसरा दिन है, आज भी खाली हाथ लौटना पड़ रहा है। गुरुवार को किसानों के बीच हुई थी मारपीट
किसानों का दर्द यहीं खत्म नहीं हुआ। गुरुवार का एक वीडियो शुक्रवार को सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें खाद लेने आए कुछ किसानों के बीच मारपीट हो रही है। यह वीडियो खिलचीपुर का है जिसमे एक किसान को कुछ लोग बीच सड़क पर लात घूसों से पीटते हुए दिखाई दे रहे हैं। किसानों का कहना है कि भीड़ बढ़ने पर धक्का-मुक्की, बहस और फिर मारपीट हो जाती है।


