विदिशा में संत श्रीमद् जिन तारण तरण मंडलाचार्य जी महाराज की 577वीं जयंती मनाई गई। इस अवसर पर अखिल भारतीय तारण तरण दिगंबर जैन युवा परिषद आदर्श इकाई विदिशा और सकल तारण दिगंबर जैन समाज ने माधवगंज चौराहे पर नगर भोज का आयोजन किया। कार्यक्रम में युवाओं ने देहदान का संकल्प भी लिया। नगर भोज के दौरान शहरवासियों और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों से आए श्रद्धालुओं को भोजन प्रसादी वितरित की गई। आयोजकों के अनुसार, तीन हजार से अधिक लोगों ने प्रसादी ग्रहण की। आयोजन स्थल पर दिनभर भक्ति और सेवा का वातावरण बना रहा। जयंती समारोह में जैन समाज के कुछ युवाओं और समाजसेवियों ने देहदान का संकल्प लिया। उन्होंने औपचारिक रूप से देहदान के फॉर्म भरे और घोषणा की कि वे मृत्यु के बाद अपनी देह मेडिकल साइंस और मानव सेवा के लिए समर्पित करेंगे। कार्यक्रम में संत श्रीमद् जिन तारण तरण मंडलाचार्य जी महाराज के जीवन, तपस्या और समाज सुधार के कार्यों के बारे में बताया। वक्ताओं ने बताया कि उन्होंने भगवान महावीर की शिक्षाओं को सरल भाषा में जन-जन तक पहुंचाया और समाज को अंधविश्वास व पाखंड से दूर रहने का संदेश दिया। यह आयोजन पिछले छह वर्षों से लगातार किया जा रहा है। युवा परिषद के पदाधिकारियों ने बताया कि उनका उद्देश्य केवल धार्मिक आयोजन नहीं, बल्कि समाज में सेवा, करुणा और मानवता की भावना को मजबूत करना है। डॉ. विनय जैन ने कहा कि तारण तरण महाराज का जीवन युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत है और उनके विचारों को अपनाकर समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है। पीयूष जैन ने भी इस बात पर जोर दिया कि आयोजन का मुख्य उद्देश्य समाज में सेवा भावना और मानवता का संदेश देना है।


