मन्दसौर जिले के भावगढ़ थाने में राष्ट्रीय परशुराम सेना ने शुक्रवार दोपहर आईएएस अधिकारी संतोष वर्मा के विवादित बयान के विरोध में ज्ञापन सौंपा है। संगठन ने ब्राह्मण समाज की बेटियों और महिलाओं के संबंध में दिए गए आपत्तिजनक बयान को लेकर संतोष वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। यह ज्ञापन राष्ट्रीय परशुराम सेना के जिला अध्यक्ष पं. श्रीकांत शर्मा की मौजूदगी में सौंपा गया। इस दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारी और बड़ी संख्या में समाज के सदस्य उपस्थित रहे। आईएएस संतोष वर्मा ने भोपाल के डॉ. अंबेडकर जयंती मैदान में आयोजित अजाक्स सम्मेलन के दौरान ब्राह्मण समाज की बेटियों एवं महिलाओं को लेकर एक बयान दिया था। राष्ट्रीय परशुराम सेना का आरोप है कि इस बयान से ब्राह्मण समाज सहित हिंदू समाज की महिलाओं में गहरा आक्रोश और असुरक्षा की भावना पैदा हुई है। संगठन ने कहा कि यह वक्तव्य धर्म, जाति और मूलवंश के आधार पर एक समुदाय विशेष को अपमानित करता है और समाज में जातीय तनाव, वैमनस्य तथा अशांति पैदा करने वाला है। संगठन ने इसे महिलाओं की मर्यादा और सम्मान पर सीधा प्रहार बताया है, जिसे किसी भी रूप में स्वीकार नहीं किया जा सकता। ज्ञापन में संतोष वर्मा पर भारतीय न्याय संहिता की धारा 96, 308(2) एवं 356(7)(2)(3) के अंतर्गत कठोरतम कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। राष्ट्रीय परशुराम सेना ने जोर देकर कहा है कि समाज की मर्यादा, महिलाओं की सुरक्षा और सामाजिक सौहार्द की रक्षा के लिए तत्काल एफआईआर दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई आवश्यक है। इस दौरान विक्रम शर्मा, प्रदीप शर्मा, राकेश शर्मा, जगदीश पंड्या, विजय शर्मा, जितेंद्र शर्मा, धर्मेंद्र शर्मा, दिनेश मेनारिया, प्रमोद शर्मा, महेश मेनारिया, संजय पंड्या सहित अनेक सदस्य मौजूद रहे।


