भास्कर न्यूज| सिमडेगा उपायुक्त कंचन सिंह की अध्यक्षता में शुक्रवार को आदिवासी संस्कृति एवं कला केंद्रों,धुमकुड़िया भवनों और मांझी भवनों में पारंपरिक वाद्ययंत्रों की आपूर्ति को लेकर बैठक की गई। बैठक में जिले के 94 पंचायतों में पूर्ण हो चुके धुमकुड़िया भवनों के लिए नगाड़ा,ढोलक,मांदर, ढाक,घंट–करतल, झांझ, झुनकी,थेचका तथा भेरी जैसे पारंपरिक वाद्ययंत्र उपलब्ध कराने पर निर्णय लिया गया। समिति के सदस्यों केन्द्रीय सरना समिति के अध्यक्ष हरिश्चंद्र भगत,बाबूलाल उरांव पहान, जगदीश बड़ाईक, रेजिना टोप्पो और कोन्देश्वर राम ने भी इस निर्णय का समर्थन किया। उपायुक्त ने निर्देश देते हुए कहा कि यदि जेएसएलपीएस के महिला समूह या पीएम विश्वकर्मा योजना से जुड़े कारीगर वाद्ययंत्रों का निर्माण कर सकते हैं तो प्राथमिकता के आधार पर उन्हीं से आपूर्ति प्रक्रिया अपनाई जाएगी। जिन सामग्रियों का निर्माण स्थानीय स्तर पर संभव नहीं है,उनकी खरीद जेम पोर्टल के माध्यम से की जाएगी। बैठक में परियोजना निदेशक आईटीडीए सरोज तिर्की और जिला कल्याण पदाधिकारी भी उपस्थित रहे।


