जगतपुरा में भूखंड विवाद से जुड़े एक हैरान करने वाले मामले में प्रतापनगर थाना पुलिस की गंभीर चूक उजागर हुई है। अदालत द्वारा जारी वारंट की रिपोर्ट में पुलिस ने एक जिंदा व्यक्ति चिरंजीलाल शर्मा को मृत घोषित कर दिया। मामला तब खुला जब परिवादी ने खुद कोर्ट में मोबाइल का स्पीकर ऑन कर मृत बताए गए व्यक्ति के छोटे बेटे से बात करवाई। फोन पर बेटे ने स्पष्ट कहा मेरे पिता बिल्कुल स्वस्थ हैं और यहीं गांव में मौजूद हैं। कोर्ट में खुला सच; परिवादी ने बेटे से कराई लाइव बात सुनवाई के दौरान मजिस्ट्रेट ने वकील को बताया कि रिपोर्ट के मुताबिक चिरंजीलाल की मृत्यु हो चुकी है तो परिवादी रामजीलाल और अधिवक्ता एडवोकेट राजकुमार ने चिरंजीलाल के छोटे बेटे सीताराम को फोन लगाया। स्पीकर ऑन कर बातचीत सुनाई। सीताराम ने कहा- मेरे पिता ठीक हैं और अभी चौक में बैठे हैं। यह सुनते ही कोर्ट ने तत्काल प्रतापनगर थाना अधिकारी को तलब करने के आदेश दे दिए और पूछा- बिना जांच-पड़ताल के इतनी गंभीर गलत रिपोर्ट कैसे लगा दी गई? वारंट तामील, लेकिन पुलिस ने बिना जांच ‘मृत’ लिख दिया 8 अगस्त 2025 को कोर्ट ने भूखंड विवाद मामले में चिरंजीलाल शर्मा, रमेश कुमार जांगिड़, रामेश्वर दयाल शर्मा सहित 4 लोगों को 10 अक्टूबर को उपस्थित होने हेतु वारंट जारी कर प्रतापनगर थाने भेजा। पुलिस की तामील रिपोर्ट के अनुसार चिरंजीलाल घर पर नहीं मिले। मोबाइल पर बात करने पर उनके बेटे ने उनकी ‘मृत्यु’ होना बताया। पुलिस ने बिना किसी दस्तावेज, पड़ताल या स्थानीय पुष्टि के इसे ही सही मानकर ‘मृत’ की रिपोर्ट लगा दी। रिपोर्ट पर हस्ताक्षर कर मामला सीधे कोर्ट भेज दिया गया। वीडियो भी आया सामने जगतपुरा में चिरंजीलाल का हाल ही में एक सभा को संबोधित करते हुए वीडियो भी सामने आया। स्थानीय लोगों ने भी पुष्टि की कि वे पूरी तरह स्वस्थ हैं और गांव में ही रहते हैं।


