गुड़ामालानी में अहिंसा सर्किल स्थित लक्ष्मी हार्डवेयर एंड सेनेटरी की दुकान में गुरुवार की रात को भीषण आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में दुकान आग के गोले में बदल गई। दुकान के पास स्थित चाय की दुकान के पीछे बने कच्चे छप्पर से शुरू हुई आग ने विकराल रूप ले लिया। आग इतनी तेज थी कि पास ही हार्डवेयर दुकान से पाइप, सेनेटरी वेयर व इलेक्ट्रिक सामग्री जल कर खाक हो गई। सूचना मिलते ही आस-पास के लोग दुकानों में रखे सामान के जलने की आवाज से एकत्रित हुए। उन्होंने पानी की बाल्टी और टैंकरों से पानी डालकर आग पर काबू पाने की कोशिश की, लेकिन आग पर काबू नहीं पाया गया। एक घंटे बाद आरजीटी नगर से दमकल वाहन मौके पर पहुंचा। रात के करीब 3 बजे अचानक तेज शोर से मेरी नींद टूटी। मैं दुकान की तीसरी मंजिल पर सो रहा था। घबराकर उठकर नीचे देखा तो दुकान के आगे के हिस्से में आग भयानक लपटों के साथ धधक रही थी। धुएं के गुबार के कारण सामने कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। मैं तुरंत नीचे उतरने लगा और दूसरी मंजिल तक पहुंच भी गया, लेकिन वहां तेज धुएं का भराव था कि सांस लेना मुश्किल हो गया। आंखों के आगे सब काला हो गया। मजबूरन फिर तीसरी मंजिल पर लौटना पड़ा। मैने जल्दी से कपड़े पहने, मोबाइल उठाया और छत पर पहुंच गया। वहां काला धुंआ पूरे इलाके में फैल गया। मजबूरन मुझे वहां से कूदना पड़ा और मेरे हाथ पैर में फ्रैक्चर हो गया। भास्कर फर्स्ट पर्सन – अशोक कुमार, आग में घायल रात के करीब 3 बजे अचानक तेज शोर से मेरी नींद टूटी। मैं दुकान की तीसरी मंजिल पर सो रहा था। घबराकर उठकर नीचे देखा तो दुकान के आगे के हिस्से में आग भयानक लपटों के साथ धधक रही थी। धुएं के गुबार के कारण सामने कुछ भी दिखाई नहीं दे रहा था। मैं तुरंत नीचे उतरने लगा और दूसरी मंजिल तक पहुंच भी गया, लेकिन वहां तेज धुएं का भराव था कि सांस लेना मुश्किल हो गया। आंखों के आगे सब काला हो गया। मजबूरन फिर तीसरी मंजिल पर लौटना पड़ा। मैने जल्दी से कपड़े पहने, मोबाइल उठाया और छत पर पहुंच गया। वहां काला धुंआ पूरे इलाके में फैल गया। मजबूरन मुझे वहां से कूदना पड़ा और मेरे हाथ पैर में फ्रैक्चर हो गया।


