लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार थाना क्षेत्र में बिजली विभाग के इंजीनियर की गर्भवती पत्नी की मौत हो गई। करीब 22 दिन चले इलाज के बाद महिला ने दम तोड़ दिया। मृतका के पिता ने उसके पति और ससुराल वालों पर प्रताड़ित कर मारने का आरोप लगाते हुए मुकदमा दर्ज कराया है। रायबरेली निवासी डॉ. आशा शंकर वर्मा ने बताया- बेटी डॉ. रुचि वर्मा की शादी अमिय कुमार सिंह से 2015 में की थी। अमिय वर्तमान में अयोध्या में विद्युत वितरण विभाग में अधिशासी अभियंता के पद पर तैनात है। रुचि पिछले 3 साल से अपनी बेटी आकृति की पढ़ाई के चलते रोहिणी अपार्टमेंट, गोमती नगर विस्तार लखनऊ में किराए पर रह रही थी। पिता के अनुसार इस दौरान पति उसे परेशान करता था। उसका अवैध संबंध एक नीतू नाम की महिला से होने की जानकारी मिली थी। गर्भवती होने की जानकारी मिलने के बाद तबीयत बिगड़ी पिता के मुताबिक, 24 अप्रैल 2025 को डॉ. शैलेंद्र जैन की अल्ट्रासाउंड रिपोर्ट के जरिए उस महिला के गर्भवती होने की पुष्टि हुई। यह रिपोर्ट रुचि ने 26 सितंबर की सुबह 9 बजे भेजी। इसके करीब 10 मिनट बाद रुचि की बेटी आकृति ने फोन कर बताया कि मम्मी की हालत अचानक खराब हो गई। पड़ोसियों की मदद से रुचि को आरएमएल अस्पताल लखनऊ ले जाया गया। वहां आईसीयू उपलब्ध न होने पर परिजन उन्हें हेल्थ सिटी अस्पताल और फिर हालत गंभीर होने पर 28 सितंबर को मेदांता अस्पताल ले गए। जांच में पेट के अंदर गंभीर नुकसान सामने आया। डॉक्टरों बोले- एसिड नहीं, जहर का असर मेदांता अस्पताल में सर्जरी के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि नुकसान एसिड से नहीं बल्कि जहर से हुआ है। स्थिति लगातार बिगड़ने पर 6 अक्टूबर को उन्हें संजय गांधी पीजीआई के CCMICU में भर्ती कराया गया। लगभग 22 दिन तक इलाज के बाद 22 अक्टूबर 2025 की शाम 6 बजे डॉ. रुचि ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने पति पर मानसिक प्रताड़ना, दूसरी महिला से संबंध रखने का आरोप लगाया है। इंस्पेक्टर गोमती नगर विस्तार सुधीर अवस्थी का कहना है कि मुकदमा दर्ज करके जांच की जा रही है।


