सावन भादौ डेम तक पहुंचने के लिए ग्रेवल सड़क बनें’:ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने निर्देश दिए, कहा खराब गेट को 24 घंटे में ठीक किया जाए

ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने शुक्रवार को कनवास स्थित सावन भादौ डेम का निरीक्षण किया। उन्होंने डैम के टूटे हुए गेट की तुरंत मरम्मत कर किसानों को पानी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। मंत्री ने मुकंदरा टाइगर रिजर्व के अधिकारियों को बुलाकर उन्हें डेम तक पहुंचने के लिए रास्ता देने के लिए भी निर्देशित किया। उन्होंने कहा कि डैम की सुरक्षा एवं अन्य देखरेख के लिए इंजीनियरों का पैदल पहुंचना बहुत चुनौती पूर्ण है। ऐसे में डेम तक पहुंचने के लिए रास्ता दिया जाए। जहां पर ग्रेवल सड़क बना करके मोटर व्हीकल पहुंचे। ऐसी व्यवस्था होनी चाहिए। जिस पर वन्यजीव विभाग के अधिकारियों ने भी सहमति जताई। बता दें पिछले कुछ दिनों से किसानों के द्वारा डेम से पानी नहीं मिलने की शिकायत की जा रही थी। किसानों की शिकायत के बाद मंत्री ने डेम पर पहुंचकर वस्तुस्थिति का जायजा लिया। उन्होंने अधिकारियों से डेम से संबंधित सभी जानकारियां ली। उन्होंने डेम का ड्रोन व्यू देखा। इसके द्वारा उसकी खामियों को परखने की कोशिश की। इस दौरान मानचित्रो के माध्यम से भी वस्तुस्थिति को समझने का प्रयास किया। मंत्री नागर ने अधिकारियों से कहा कि किसानों की समस्या का स्थाई समाधान होना चाहिए। इसके लिए जो भी संसाधन चाहिए, राजस्थान सरकार देने के लिए तैयार है। नागर ने कहा कि सावन भादौ डेम कनवास क्षेत्र की लाइफ लाइन है। जहां से बड़ी संख्या में खेतों को सिंचाई का पानी उपलब्ध होता है। पिछले दिनों बरसात के समय डेम कुछ क्षतिग्रस्त हो गया था। डैम के गेट नहीं खुल पा रहे थे। इसके बाद अस्थाई रूप से पाइप डालकर पानी लिफ्ट कर कैनाल से रेगुलेशन शुरू किया गया था। डैम की मरम्मत के लिए मार्च में 15 करोड रुपए की राशि स्वीकृत की गई। जिससे आरसीसी की वॉल बनाई गई। बरसात के कारण काम पूरा नहीं हो पाया। जब बारिश का पानी तेज गति से आया तो मशीनरी अंदर रह गई। डेम का गेट ठीक नहीं हो पाया। ऊर्जा मंत्री नागर ने कहा कि किसानों को सिंचाई का पानी तुरंत उपलब्ध कराया जाए। बजट के लिए कोई कमी नहीं है। पूर्व में 15 करोड़ रुपए का काम कराया गया है। इसके बाद भी 8 करोड रुपए का तकमीना बना कर स्वीकृति के लिए भेजा गया है। नागर के निर्देश के बाद डेम की मरम्मत के लिए कानपुर और मुंबई से विशेषज्ञ बुलाए गए हैं। गोताखोरों की टीम 8- 9 मीटर नीचे जाकर गेट को खोलकर लाएगी। जिसे मरम्मत करने के बाद वापस फिट किया जाएगा। टूटी हुई फ्लेंज की वेल्डिंग की जाएगी। इसके लिए शनिवार को दिनभर रेगुलेशन का शटडाउन लिया जाएगा। इसके लिए किसानों से भी स्वीकृति ली गई है। पिछले दिनों ग्राम चौपाल के दौरान ऊर्जा मंत्री नागर के सामने ग्रामीणों ने शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि डैम का गेट खराब है। जिसे सही करने की गलत जानकारी दी गई है। खेतों में सिंचाई का पानी देना शुरू किया, लेकिन बरसात आने के कारण किसानों ने नहरी पानी बंद करने की बात कही। लेकिन डैम का गेट बंद नहीं हो सका तो पानी खेतों में भरने लगा। इसके बाद सिंचाई विभाग ने अस्थाई व्यवस्था करते हुए नहर को तोड़कर पानी नदी में बहा दिया था। जिस पर मंत्री नागर ने खासी नाराजगी जताई।

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