बैतूल जिला जेल में सजा काट रहे एक बंदी की शनिवार सुबह मौत हो गई। बताया जा रहा है कि उसकी रिहाई कुछ दिनों में होने वाली थी। बंदी को सीने में तेज दर्द उठा, जिसके बाद उसे जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान अमरावती घाट क्षेत्र निवासी प्रकाश बाबूराव (42) के रूप में हुई है। प्रकाश को अपने चाचा की गैर-इरादतन हत्या (धारा 304 भाग-2) के मामले में सात साल की सजा सुनाई गई थी। वह पिछले साढ़े पांच साल से बैतूल जिला जेल में बंद था। अचानक सीने में उठा दर्द, अस्पताल में तोड़ा दम
जेल अधीक्षक योगेंद्र कुमार तिवारी ने बताया कि शनिवार को प्रकाश जेलकर्मी राकेश पांडे के साथ सफाई कार्य के लिए जेल से बाहर गया था। इसी दौरान उसे अचानक सीने में तेज दर्द महसूस हुआ। साथी कर्मियों ने तत्काल उसे जिला अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने इस मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। अच्छे आचरण के चलते मिल रही थी रिहाई जानकारी के अनुसार, प्रकाश की सजा के 7 साल में से साढ़े पांच साल पूरे हो गए थे। उसे अच्छे आचरण के चलते कुछ ही दिनों में रिहाई मिलने वाली थी। प्रकाश ने जेल से निकलने की तैयारी कर ली थी, उसने अपने कपड़े और जूते धोकर रख दिए थे। प्रकाश बाबूराव को अमरावती घाट बस स्टैंड पर लक्ष्मण नामक व्यक्ति की मौत के मामले में दोषी ठहराया गया था। उसे गैर-इरादतन हत्या का दोषी पाया गया था।


