टीकमगढ़ में शुक्रवार रात आयोजित नसबंदी शिविर में स्वास्थ्य विभाग की गंभीर लापरवाही सामने आई है। ऑपरेशन के बाद महिलाओं को लाने-ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं थे, जिसके कारण परिजनों को मरीजों को हाथों में उठाकर ले जाना पड़ा। इसके अलावा, महिलाओं को घर तक पहुंचाने के लिए भी कोई व्यवस्था नहीं की गई थी, जिससे परिजनों को किराए के वाहन का सहारा लेना पड़ा। शिविर जिला अस्पताल में जतारा क्षेत्र की महिलाओं के लिए लगाया गया था। ऑपरेशन के बाद मरीजों को पलंग तक ले जाने के लिए स्ट्रेचर नहीं दिए गए। परिजनों ने बताया कि एक ही पलंग पर दो-दो महिलाओं को लिटाया गया था, जिससे मरीजों को असुविधा हुई। लुहारगुवां गांव से आए नितेंद्र सिंह घोष ने बताया कि वे अपनी चाची का नसबंदी ऑपरेशन कराने जिला अस्पताल आए थे। उन्होंने आरोप लगाया कि स्वास्थ्य विभाग की ओर से घर से लाने-ले जाने के लिए कोई इंतजाम नहीं किए गए। उन्हें ₹1100 किराए का वाहन करके अस्पताल आना पड़ा और ऑपरेशन के बाद भी उसी वाहन से घर ले जाना पड़ रहा है। इस नसबंदी शिविर के इंचार्ज बीएमओ डॉक्टर अंकित साहू थे। इस मामले में जब प्रभारी सीएमएचओ डॉक्टर पीके माहौर से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया।


