कॉलेज छात्रा से दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में न्यायालय ने छात्र नेता को दोषी ठहराया है। आरोपी को दस साल के कठोर कारावास और 1500 रुपए के अर्थदंड से दंडित किया गया है। यह फैसला घटना के दो साल बाद आया है। घटना 16 नवंबर 2022 को हुई थी। 22 वर्षीय पीड़ित कॉलेज छात्रा की पहचान आरोपी एनएसयूआई छात्र नेता रूहाब मेमन (26 नयापारा) से परीक्षा फॉर्म जमा करते समय हुई थी। आरोपी ने अपने मोबाइल से कॉल कर छात्रा को कांकेर के घड़ी चौक के पास बुलाया था। पीड़िता कुछ जरूरी काम समझकर उससे मिलने घड़ी चौक पहुंची। रूहाब मेमन ने पीड़िता को अपनी कार में बैठा लिया और उसे केशकाल ले गया। वहां से वापस शहर की ओर लौटते हुए, उसने अच्छी जगह घुमाने की बात कहकर कार को सिंगारभाट कांकेर जंगल की ओर मोड़ दिया। आरोपी ने पीड़िता को जंगल की ओर ले गया अंधेरा होने पर पीड़िता ने आरोपी से घर छोड़ने को कहा, लेकिन रूहाब उसे सिंगारभाट से आगे जंगल की ओर ले गया। सुनसान जंगल में कार रोककर उसने शारीरिक संबंध बनाने का दबाव बनाया। जब पीड़िता ने इनकार किया, तो आरोपी ने उसे कार से कुचलकर जान से मारने की धमकी दी। कार में जबरदस्ती दुष्कर्म और मारपीट डरकर पीड़िता ने उसे घर छोड़ने की मिन्नतें कीं, लेकिन आरोपी नहीं माना। शाम करीब साढ़े 6 बजे, आरोपी रूहाब ने कार में ही जबरदस्ती घटना को अंजाम दिया। रेप के बाद उसने पीड़िता से मारपीट भी की। मौका पाकर पीड़िता ने अपने कॉलेज के सीनियर पिंटू सरकार को फोन लगाया। मोबाइल छीनकर दोबारा रेप की धमकी लेकिन आरोपी ने उसका मोबाइल छीनकर फेंक दिया। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता को फिर डरा-धमकाकर दोबारा दुष्कर्म किया और उसके सीने पर दांत से काटा भी। पीड़िता का दोस्त और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गए। जहां पीड़िता को उसके कब्जे से छुड़ाया गया। पुलिस ने केस दर्ज कर चार्जशीट दाखिल की पीड़िता की रिपोर्ट पर आरोपी के खिलाफ पुलिस ने दुष्कर्म, मारपीट और अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया। जांच पूरी होने के बाद अभियोग पत्र प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश कांकेर विभा पांडे के न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। न्यायालय में आरोप पत्र प्रस्तुत करने पर सभी तथ्य साबित हो गए। आरोपी को 10 साल कैद और जुर्माना कुल 21 महत्वपूर्ण गवाहों की गवाही कराई गई। सुनवाई पूरी होने के बाद न्यायालय ने छात्रा से दुष्कर्म, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने के मामले में आरोपी को 10 वर्ष के कठोर कारावास और 1500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई।


