हेमंत सोरेन सरकार के एक साल पूरा होने पर मोरहाबादी में भव्य कार्यक्रम किया गया। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने 8792 युवाओं को नियुक्ति पत्र दिया। वहीं सरकार ने कहा कि हमने एक साल में 16 हजार सरकारी नौकरी दी। सीएम हेमंत से मंच से कहा कि हजारों नियुक्तियां और होंगी। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के दावे और सरकार की उपलब्धियों को भाजपा ने बर्बादी काल बताया है। रांची स्थिति भाजपा कार्यालय से सरकार के कार्यकाल पर आरोप पत्र जारी किया गया। नेता प्रतिपक्ष और भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी, विधायक नवीन जायसवाल, आदित्य साहू ने संयुक्त रूप से आरोप पत्र जारी किया। इस दौरान उन्होंने कहा कि यह अबुआ सरकार नहीं बल्कि ठगुआ सरकार है। घोषणापत्र बना धोखा पत्र भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी हाथों में हेमंत सरकार के घोषणा पत्र को लेकर प्रेसवार्ता की। उन्होंने कहा कि सरकार अपने वायदे पर पूरी तरह फेल है। बीते पांच साल और इस साल के कार्यकाल के दौरान सरकार ने जनता को धोखा ही दिया है। उन्होंने कहा कि सरकार अपने घोषणापत्र के सात बिंदुओं में से एक भी पूरा नहीं कर सकी। धर्मांतरण के मुद्दे को हवा देते हुए बाबूलाल मरांडी ने कहा कि सरकार अपनी घोषणापत्र में सांस्कृति संरक्षण की बात कहती है और इधर चंगाई सभा और प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण का खेल चल रहा है। अबुआ सरकार में आदिवासी सर्वाधिक पीड़ित भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष बाबूलाल मरांडी ने संबोधित करते हुए कहा कि इस सरकार में सबसे ज्यादा कोई पीड़ित हुआ है तो वह आदिवासी ही हैं। कहा कि हेमंत सरकार ने सभी परिवार को 7 किलो अनाज हर माह देने की बात कही थी, आज तक यह अनाज नहीं पहुंचा। पांच किलो अनाज तो केंद्र सरकार दे रही है। उन्होंने कहा कि इनकी घोषणाओं के लाभ की जानकारी हमें भी मिलती है। संथाल के जिस क्षेत्र से सीएम आते हैं, जनता वहीं सबसे ज्यादा प्रभावित है। जिस अबुआ सरकार ने संथाल को आदिवासियों को सर्वाधिक उम्मीद थी, वहीं लोग आज भी प्रभावित हैं। बिना विचार और सिद्धांत का गठबंधन भाजपा नेताओं का कहना है कि बिना विचार और सिद्धांत का गठबंधन आज राज्य को भ्रष्टाचार के रास्ते पर धकेल रहा है। बालू, पत्थर, जमीन और कोयले की लूट खुलकर हो रही है, जबकि आम आदमी महंगाई और अव्यवस्था से परेशान है। पार्टी का आरोप है कि सरकार के संरक्षण में कोयले का अवैध उत्खनन बढ़ा है और बालू की कीमतें आसमान छू रही हैं। भाजपा ने दावा किया कि राज्य की कानून-व्यवस्था पूरी तरह चरमरा गई है। राजधानी रांची समेत कई जिलों में अपराधी खुलेआम घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। पार्टी का कहना है कि आदिवासी समाज सबसे ज्यादा प्रताड़ित है और जल, जंगल, जमीन की सुरक्षा के नाम पर सरकार ने केवल लूट की स्थितियां पैदा की हैं। भाजपा नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले छह वर्षों में हेमंत सरकार ने युवाओं, महिलाओं, किसानों, दलितों, पिछड़ों सभी वर्गों से वादाखिलाफी की है।


