राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले शनिवार और रविवार दो दिन इंदौर में हैं। होसबाले शनिवार सुबह मालवा प्रांत के जनजातीय समाजों के नेतृत्व करने वाले बंधु-भगिनियों के साथ संवाद सत्र में शामिल हुए। जिसके बाद वे अब शाम को 5 बजे चिमनबाग में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। वहीं, होसबाले कल अनुषांगिक संगठनों के साथ आंतरिक बैठक और संघ स्थापना के शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में आयोजित गोष्ठी में संबोधित करेंगे। संघ से मिली जानकारी के अनुसार होसबाले इंदौर में बैठकों के दौरान एक दिसंबर से मालवा प्रांत के सभी 28 जिलों के 138 खंडों में शुरू हो रहे वृहद गृह संपर्क अभियान की तैयारी के साथ जनवरी में होने वाले हिंदू सम्मेलन की कार्ययोजना को अंतिम रूप देंगे। वहीं, होसबाले चिमनबाग मैदान में इंदौर महानगर की चयनित महाविद्यालयीन शाखा टोलियों के एकत्रीकरण में भाग लेंगे। 30 नवंबर को रवींद्र नाट्यगृह में संघ स्थापना शताब्दी वर्ष के उपलक्ष्य में प्रमुखजन गोष्ठी दोपहर 2.30 बजे से होगी। अंतिम सत्र जिज्ञासा समाधान का होगा। इस चर्चा में भी संघ की भूमिका पर प्रकाश डाला जाएगा। 618 गांवों में गृह संपर्क के लिए बनीं 7029 टोलियां
1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक विशाल गृह संपर्क अभियान भी शुरू किया जा रहा है। जिसमें मालवा प्रांत में मौजूद लगभग 35 लाख घरों तक स्वयंसेवकों की टोलियां पहुंचेंगी। इंदौर विभाग के अंतर्गत 5 जिलों के 35 नगरों और 5 ग्रामीण खंड के 65 मंडलों में वृहद गृह संपर्क योजना भी बनाई गई है। जिसमें 1725 मोहल्लों, 345 बस्तियों, 618 गांवों तक स्वयंसेवकों की 7029 टोलियों की रचना की गई है। संघ की स्थापना के शताब्दी वर्ष में पूरे देश में संघ के कार्यकर्ताओं द्वारा गृह सम्पर्क का संकल्प लिया गया है। मालवा प्रांत में यह गृह सम्पर्क अभियान आगामी 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक किया जाएगा। 28 जिलों के 12 हजार 500 गावों में जाएगा संघ
मालवा प्रांत के सभी 28 जिलों के 138 खंडों के 12,500 से अधिक गांवों और 101 नगरों के 7,500 से अधिक मोहल्लों में संघ के कार्यकर्ताओं की टोलियां घर-घर जाकर संपर्क करेंगी। इस वृहद गृह संपर्क अभियान में मालवा प्रांत के 35 लाख से अधिक परिवारों में संघ परिचय पत्रक, संघ साहित्य, स्टीकर और भारत माता का चित्र लेकर कार्यकर्ता घरों पर परिवारों से संपर्क करेंगे। ग्रामीण क्षेत्रों और नगरों की सेवा बस्तियों में घरों पर भगवा पताका भी लगाई जाएगी। इंदौर विभाग के अंतर्गत 5 जिलों के 35 नगरों एवं 5 ग्रामीण खंड के 65 मंडलों में वृहद गृह संपर्क की योजना बनाई गई है। पंच परिवर्तन के पांच संकल्प बताएं जाएंगे
सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन, पर्यावरण केंद्र, जीवनशैली, जीवन के हर क्षेत्र में स्वदेशी का संकल्प और नागरिक कर्तव्यों का पालन ये पंच-परिवर्तन के पांच संकल्प हैं। गृह संपर्क अभियान में संघ के कार्यकर्ता पंच-परिवर्तन के संकल्पों की चर्चा घर-घर जाकर करेंगे और परिवारों द्वारा किसी एक संकल्प का आह्वान करवाया जाएगा। संघ बताएगा की समाज में संस्कारों और परंपराओं की पाठशाला हमारे परिवार हैं। अपनी संस्कृति की रक्षा और संस्कारों के लिए परिवारों को संस्कारक्षम बनाए रखना आज की चुनौती भी है। सभी प्राणियों का जीवन सुखी हो, इस हेतु हमारे वन, वायु, जल, धरती सहित संपूर्ण पर्यावरण का संरक्षण और संवर्धन आवश्यक है। स्वदेशी जीवनशैली और भारत केंद्रित विचार-व्यवहार और व्यापार ही स्वावलंबी और स्वतंत्र भारत का आधार है। प्रत्येक नागरिक द्वारा संवैधानिक, राष्ट्रीय, सामाजिक और नैतिक कर्तव्यों के पालन से भारत को विश्व गुरु बनाना है।


