करौली जिले के मंडरायल उपखण्ड के झारीला क्षेत्र में लेपर्ड की आवाजाही से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। सूचना मिलने के बाद वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और अलर्ट जारी किया। पिछले 24 घंटों के दौरान दो अलग-अलग जगहों पर बड़े आकार के पगमार्क देखे गए हैं। इन पगमार्कों से दो अलग-अलग लेपर्ड के सक्रिय होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीणों ने जंगल से लेपर्ड के दहाड़ने की आवाजें भी सुनने का दावा किया है। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर पूरे इलाके में तलाशी अभियान (कॉम्बिंग) शुरू किया। वनकर्मियों ने पगमार्क, रास्तों और पानी के स्रोतों के पास गहन जांच की, जिससे लेपर्ड की आवाजाही की पुष्टि हुई। विभाग के अनुसार क्षेत्र में कम से कम एक या दो लेपर्ड के सक्रिय होने के संकेत मिले हैं, जिसके बाद उनकी ट्रैकिंग तेज कर दी गई है। वन विभाग ने ग्रामीणों को रात में घरों से बाहर न निकलने, खेतों में अकेले काम न करने और अपने पशुधन को सुरक्षित स्थानों पर बांधने की सलाह दी है। विभाग ने गांवों में जागरूकता अभियान भी चलाया है, जिसमें लोगों से सुरक्षा नियमों का पालन करने की अपील की गई है। वन विभाग की टीम लगातार स्थिति पर नजर रख रही है और लेपर्ड की आवाजाही से संबंधित हर अपडेट की निगरानी कर रही है।


