कांग्रेस के महासचिव और पूर्व डिप्टी सीएम सचिन पायलट ने चुनाव आयोग पर निशाना साधा है। उन्होंने कहा- निर्वाचन आयोग का काम नागरिकता तय करना नहीं है। उसका काम 18 साल के हो चुके नागरिकों को वोट दिलाना सुनिश्चित करना है। आयोग नेता, पार्टी , सरकार के दबाव में काम नहीं करे। उन्होंने कहा- सुप्रीम कोर्ट को धन्यवाद देना चाहता हूं कि उसने आधार कार्ड से वोट देने की बात कही हैं। वरना, सरकार तो घुसपैठियों को निकलने के नाम पर गरीब, असहाय, दलित, अशिक्षित, आदिवासियों के वोट काटने में लगी हुई है। वोट चोरी रोकने के मामले में चुनाव आयोग की भूमिका संदेह के घेरे में है। दरअसल, पायलट शनिवार की शाम टोंक पहुंचे थे, जहां उन्होंने मीडिया से बातचीत में यह बात कही। कभी चीफ सेकेट्री तो कभी अफसर बदल रहे, सरकार चुनाव से डर रही है
उन्होंने कहा- चुनाव करीब आते ही घुसपैठियों को निकालने की बात की जाती है। सरकार बताए कि 11 साल में कितने घुसपैठियों को निकाला हैं। कभी चुनाव आते ही SIR याद आती है, पहले बिहार और राजस्थान में ही देख लीजिए कि कितने BLO की मौत हो गई। उन पर बहुत ज्यादा दबाव बनाया जा रहा है। सचिन पायलट ने कहा- आप बदलाव कितना कर रहे हैं, लेकिन परिणाम तो जनता में विश्वास पैदा नहीं कर रहा है। आप देख रहे हैं कि प्रदेश में कितनी खींचतान चल रही है, कभी चीफ सेक्रेटरी बदल रहे हैं। कभी अफसर बदल रहे हैं। मंत्रिमंडल पूरा बना नहीं है। उपचुनाव आप हार रहे हैं। आपसी इतनी खींचतान है या सरकार दिल्ली के आदेशों पर चल रही है। भाजपा ने जो वादे किए थे। सरकार में आने से पहले वो 2 सालों में कितने वादे पूरे हुए। जानबूझकर आप चुनाव से डर रहे हो। नगर निकाय के चुनाव, पंचायत राज के चुनाव बार-बार आप पोस्टपोंड कर रहे हो। क्यों कर रहे हो, किसके डर से कर रहे हो। यह सारी बातें जनता देख रही है। मुझे लगता है कि सरकार दिशाहीन है। आपस में जो विश्वास होना चाहिए, वह कायम नहीं कर पा रही है। 2 साल बहुत होते हैं। उन्होंने 2 साल में पब्लिक का कॉन्फिडेंस खो दिया है। किसानों के मुआवजे पर पायलट ने कहा कि किसानों को मुआवजा मिलना चाहिए, जिससे किसानों की आने वाली पीढ़ियां सुरक्षित रह सके।


