उज्जैन में अवैध क्लिनिक संचालित कर नवजात बच्चे की जान लेने वाली फर्जी डॉ. तैयबा को करीब दो माह बाद पुलिस ने शनिवार को गिरफ्तार कर लिया है। डॉ. तैयबा पर फर्जी डिग्री पर इलाज करने और नवजात की मौत का आरोप है। 2 अक्टूबर को चिंतामन में रहने वाले लखन मालवीय की पत्नी काजल को प्रसव पीड़ा होने पर डॉ. तैयबा शेख के मक्सी रोड स्थित पंवासा क्षेत्र के आशीर्वाद अस्पताल में ले जाकर भर्ती कराया गया था। इलाज शुरू कर काजल को खून की बोतल लगाई गई और दिनभर इलाज चलता रहा। हालत बिगड़ने पर डॉ. तैयबा उसे पाटीदार ब्रिज के पास अपने अस्पताल ले गईं और वहां से काजल और उसके परिजन को छोड़कर भाग गईं। बच्चे की मौत के बाद 3 अक्टूबर को डॉ. तैयबा के अस्पताल को सील कर दिया गया था। इसके बाद 6 अक्टूबर को स्वास्थ्य विभाग की टीम विशेष अस्पताल पहुंची, जहां काजल के भर्ती होने और इलाज से जुड़ी जानकारी की जांच कर रिपोर्ट विभाग को सौंपी गई थी। गंभीर लापरवाही के चलते नवजात शिशु की मृत्यु थाना प्रभारी पवासा, उपनिरीक्षक गमर सिंह मण्डलोई ने बताया कि अवैध क्लिनिक संचालन एवं बिना वैध डिग्री के प्रसूति और उपचार के दौरान नवजात शिशु की संदिग्ध मृत्यु होने पर मर्ग क्रमांक 15/2025, धारा 194 BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। तैयबा शेख द्वारा बिना किसी वैध डिग्री और क्लिनिक पंजीयन के प्रसव कराया गया। प्रसूति के दौरान आरोपी द्वारा दिए गए इंजेक्शन और उपचार में की गई गंभीर लापरवाही के कारण नवजात शिशु की मृत्यु हुई पाई गई। जांच में आरोपी तैयबा शेख के पास प्रसूति एवं एलोपैथिक उपचार के लिए कोई वैध चिकित्सीय डिग्री नहीं मिली। साथ ही जांच में यह भी पाया गया कि ‘खुशी क्लिनिक’ और ‘आशीर्वाद मेडिकल एंड सर्जिकल क्लिनिक’ बिना पंजीकरण के संचालित हो रहे थे। पुलिस को देख भागने लगी मुखबिर सूचना पर पुलिस टीम द्वारा जानसापुरा क्षेत्र में सर्चिंग की गई, जहां एक महिला संदेहास्पद अवस्था में गली में घूमती मिली, जो पुलिस को देखकर भागने लगी। महिला को महिला पुलिस अधिकारियों ने घेराबंदी कर पकड़ा और नाम-पता पूछने पर उसने अपना नाम तैयबा शेख पति अमर कुशवाह, उम्र 35 वर्ष, निवासी पांड्याखेड़ी, उज्जैन बताया। इसके बाद आरोपी महिला को गिरफ्तार कर लिया गया। ये खबर भी पड़ें… न डिग्री न परमिशन फिर भी चलता रहा फर्जी क्लिनिक और मेडिकल उज्जैन में गलत इलाज कर नवजात की जान लेने वाली फर्जी डॉ. तैयबा पर घटना के 7 दिन बाद पंवासा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। वहीं आशीर्वाद अस्पताल के बाद उनके विशेष अस्पताल को सील कर दिया है। पढ़िए पूरी खबर।


