पाकिस्तान बोला- 4 सालों में हमारे 4,000 सैनिक मारे गए:20 हजार घायल हुए, तालिबान के सत्ता में रहते बर्दाश्त से ज्यादा नुकसान हुआ

पाकिस्तान के विदेश मंत्री इशाक डार ने शनिवार को कहा कि अफगानिस्तान में तालिबान के सत्ता संभालने के बाद पाकिस्तान को बर्दाश्त से ज्यादा नुकसान का सामना कर पड़ा है। उन्होंने दावा किया कि बीते 4 सालों में 4 हजार पाकिस्तानी सैनिक मारे गए हैं, जबकि 20 हजार से ज्यादा घायल हुए हैं। डार ने कहा कि हम चाहते हैं कि अफगान जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ न किया जाए। पाकिस्तानी डिप्टी पीएम ने तालिबान से उग्रवादियों पर सख्त कार्रवाई करने की अपील की। डार ने कहा कि पाकिस्तानी तालिबान (TTP) के आतंकवादियों को बॉर्डर इलाके में पनाह नहीं दी जाए या उन्हें पाकिस्तान के हवाले कर दिया जाए। डार बोले- सुरक्षा कारणों से बॉर्डर बंद की डार ने कहा कि हमें अफगानिस्तान-पाकिस्तान बॉर्डर बंद करने की खुशी नहीं हैं, लेकिन ऐसा सुरक्षा कारणों से किया गया है। उन्होंने बताया कि तालिबान के ज्यादातर मेंबर शांति चाहते हैं, लेकिन कुछ इसे मानने को तैयार नहीं हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अप्रैल में उनकी काबुल यात्रा के दौरान जो वादे किए गए थे, पाकिस्तान ने उन सभी को पूरा किया और तालिबान भी इसे मानता है। दावा- तालिबान ने सैकड़ों TTP लड़ाकों को हिरासत में लिया डार ने दावा किया कि हाल ही में तालिबान सरकार ने उन्हें जानकारी दी है कि सैकड़ों TTP उग्रवादियों को हिरासत में लिया गया है। अफगान विदेश मंत्री अमीर मुत्ताकी ने पाकिस्तान को एक प्रतिनिधिमंडल भेजकर इन उग्रवादियों की गिरफ्तारी की पुष्टि करने को भी कहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पाकिस्तान UN की मांग पर अफगEन लोगों के लिए जरूरी फूड सामग्री की सप्लाई करने पर विचार कर रहा है। उन्होंने उम्मीद जताई कि इस मामले में प्रधानमंत्री और सेना सही फैसला लेंगे। डार बोले- अफगान जमीन हमारे खिलाफ यूज नहीं होनी चाहिए डार ने जोर देकर कहा कि पाकिस्तान की पॉलिसी साफ है कि अफगानिस्तान की जमीन का इस्तेमाल पाकिस्तान के खिलाफ नहीं होना चाहिए। इसके लिए उन्होंने तालिबान से लगातार बातचीत की, लेकिन अब तक पॉजिटिव रिजल्ट नहीं मिले हैं। पाकिस्तानी उप प्रधानमंत्री ने कहा कि उनकी सेना गाजा में इंटरनेशनल स्टेबलाइजेशन फोर्स (ISF) में मदद देने को तैयार है। हालांकि इसके लिए पहले रोल, रेगुलेशन और अधिकार क्लियर होने चाहिए। उन्होंने कहा कि हमास को हथियार से अलग करना फिलिस्तीनी कानून का काम है, पाकिस्तान और अन्य देशों को इसमें दखल नहीं करना चाहिए।

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