नपाध्यक्षों का काम ठीक नहीं तो जनता ही हटा सकेगी:विधानसभा सत्र में पेश होंगे दो विधेयक, कामगारों- दुकानदारों को मिलेगा साप्ताहिक अवकाश

सरकार नगर पालिका और नगर परिषद अध्यक्ष के चुनाव में बड़ा बदलाव करने जा रही है। अब तक पार्षद अध्यक्ष चुनते थे, लेकिन संशोधन के बाद अध्यक्ष को जनता सीधे चुनेगी। इसके साथ ही, राइट टू रिकॉल की व्यवस्था भी लागू होगी। यानी जनता यदि अध्यक्ष के काम से नाखुश हों तो वोट देकर उन्हें हटा भी सकेगी। यह व्यवस्था निकाय कार्यप्रणाली को अधिक जवाबदेह और पारदर्शी बनाएगी। मध्यप्रदेश सरकार ने व्यापार और दुकानों से जुड़े महत्वपूर्ण बदलावों को मंजूरी दी है। पिछले हफ्ते हुई कैबिनेट की बैठक में दुकान एवं स्थापना (द्वितीय संशोधन) विधेयक 2025 को स्वीकृति दी गई थी। अब रजिस्ट्रेशन की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल होगी। साथ ही, दुकान एवं प्रतिष्ठान अधिनियम में संशोधन के तहत दुकानदारों और कामगारों को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश देना जरूरी होगा। सोमवार एक दिसंबर से शुरु होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में दोनों प्रस्ताव पारित होने के बाद पूरे प्रदेश में लागू हो जाएंगे। रजिस्ट्रेशन अब केवल ऑनलाइन पोर्टल से सरकार ने दुकान एवं स्थापना अधिनियम 1958 को आधुनिक जरूरतों के अनुरूप डिजिटल रूप में बदल दिया है।
अब सभी दुकानों, प्रतिष्ठानों, होटलों, रेस्टोरेंटों और व्यवसायिक इकाइयों का रजिस्ट्रेशन केवल ऑनलाइन पोर्टल से होगा। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया सेल्फ-सर्टिफिकेशन आधारित होगी। कागजी प्रमाणपत्र के स्थान पर डिजिटल रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट जारी किया जाएगा। दुकान/प्रतिष्ठान शुरू होने के 30 दिन के भीतर रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा। डिजिटल सर्टिफिकेट को प्रतिष्ठान में प्रमुख स्थान पर डिस्प्ले करना जरूरी होगा। नई व्यवस्था के अनुसार अब श्रम विभाग से जुड़ी सभी प्रक्रियाएं पोर्टल पर होंगी: दुकान/प्रतिष्ठान बंद करने की सूचना प्रतिष्ठान बंद होने पर 10 दिन के भीतर पोर्टल पर सूचना देना अनिवार्य होगा। सूचना दर्ज होते ही उसका रजिस्ट्रेशन स्वतः हट जाएगा। फीस अधिकतम ₹2,500, बदलाव 7 दिन में अपडेट करना अनिवार्य नई शुल्क प्रणाली में— रजिस्ट्रेशन शुल्क अधिकतम ₹2,500 होगा। कर्मचारियों की संख्या या अन्य प्रमुख बदलाव होने पर 7 दिन के भीतर पोर्टल पर अपडेट करना जरूरी होगा। दुकानदार-कामगारों के लिए नया नियम: सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश सरकार द्वारा प्रस्तावित संशोधन के अनुसार प्रदेश के सभी दुकानदारों और कामगारों को सप्ताह में एक दिन अनिवार्य अवकाश देना होगा। यह नियम सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों पर लागू होगा। दुकान खोलने और संचालन के लिए लाइसेंस की प्रक्रिया भी सरल बनाई जाएगी। सरकार का तर्क है कि यह व्यवस्था कामगारों के स्वास्थ्य, बेहतर कार्य वातावरण और सामाजिक सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक है। श्रम विभाग के अनुसार संशोधन का उद्देश्य ये खबर भी पढ़ें… मोहन कैबिनेट की बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय मोहन कैबिनेट ने एक दिसंबर से शुरू होने वाले विधानसभा के शीतकालीन सत्र में रखे जाने वाले करीब 9 हजार करोड़ रुपए के अनुपूरक बजट और विधेयकों को मंजूरी दी है। जिन विधेयकों को मंजूरी दी गई है, उसमें प्रदेश में नगर पालिका और नगर परिषद के अध्यक्ष पद का चुनाव प्रत्यक्ष प्रणाली से सीधे मतदाताओं ‌द्वारा कराए जाने संबंधी विधेयक भी शामिल हैं। पूरी खबर पढ़ें

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