शिवपुरी में शुक्रवार को मंदिर तोड़ने को लेकर दो पक्षों के बीच विवाद हो गया। एक पक्ष ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, दूसरे पक्ष ने मारपीट की लिखित शिकायत की है। मामला जिले के सिंहनिवास गांव का है। यहां शुक्रवार को मंदिर तोड़ने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया, जिसके बाद दोनों पक्षों ने कोतवाली पुलिस को एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। एक पक्ष के शिकायतकर्ता दिनेश जाटव ने बताया कि गांव के जाटव मोहल्ले में प्राचीन कबीर दास और माता मंदिर है और एक सरकारी कुंआ है। गांव के रहने वाले प्रह्लाद जाटव और उसके दो बेटे संजय और वीरू ने कोरोना काल में जमीन का सीमांकन करा लिया था। उस समय इस मामले पर कोई बात नहीं हुई थी, लेकिन दस दिन पहले प्रह्लाद, उसके दोनों बेटों और राजेंद्र जाटव ने मंदिर को तोड़ना शुरू कर दिया और सरकारी कुएं के रास्ते पर भी निर्माण कार्य शुरू कर दिया। इसके बाद जाटव समाज के लोगों ने उनको समझाने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने कहा कि ये पट्टे की जमीन है। ग्रामीणों ने पिछले मंगलवार को इसकी शिकायत जनसुनवाई में कलेक्टर से की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। मंदिर और सरकारी रास्ते पर कब्जा करने का आरोप दिनेश ने बताया कि शुक्रवार को उन्होंने मंदिर तोड़ने और रास्ते पर कब्जा करने का विरोध किया था। इसके बाद प्रह्लाद, उसके दोनों बेटे और राजेंद्र ने झगड़ा शुरू कर दिया और गाली-गलौज करने लगे। उन्होंने कोतवाली में ग्रामीणों के खिलाफ मारपीट की झूठी शिकायत भी दर्ज करा दी, जबकि चारों मंदिर और सरकारी रास्ते पर कब्जा कर रहे हैं। कोतवाली पुलिस ने दिनेश की शिकायत पर प्रह्लाद सहित चारों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी हैं।


